खौड़ पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र के गांव निक्कियां में वीरवार की दोपहर विषाक्त भोजन खाने से गुज्जर परिवार के चार सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक बच्ची ने एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि अन्य तीन सदस्यों को जीएमसी में भर्ती कराया गया। यहां दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देर रात तक जीएमसी में पीड़ितों के बयान नहीं लिए जा सके थे।
बताया जाता है कि परिवार की 14 साल की राकिया बानो ने खाने में प्याज की चटनी बनाई थी। इसके बाद लस्सी और रोटी के साथ परिवार के चार सदस्यों ने खाना खाया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही सभी बेहोश होकर गिरने लगे। आसपास के लोगों ने चारों को उपजिला अस्पताल अखनूर में पहुंचाया, यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जम्मू रेफर कर दिया गया।
इसमें राकिया बानो को एसएमजीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डाक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया। देर रात को उसके शव को जीएमसी के शवगृह में भेज दिया गया था। जीएमसी जम्मू में अन्य पीड़ितों में पिता गुलाब दीन (60), तारिक सेन (16) और मनीरा बानो को इलाज दिया जा रहा है। सभी को इमरजेंसी के रूम एक के आईसीयू में रखा गया है। यहां गुलाब दीन और मोहम्मद तारिक सेन की हालत नाजुक बनी हुई है। वह बात करने की स्थिति में नहीं थे और तड़प रहे थे।
लस्सी के नमूने लिए गए
जीएमसी में पहुंचे तीमारदार अब्दुल रशीद ने बताया कि जिस लस्सी का सेवन करके परिवार के सभी सदस्य अचानक बीमार हुए हैं, उसे जीएमसी के स्टाफ को जांच के लिए दिया गया है। उन्होंने बताया कि खाना खाने के बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिले होने की आशंका है। जीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि यह जांच का विषय है कि खाने में किस तरह का जहरीला पदार्थ मिला है। राकिया के शव के पोस्टमार्टम में कई चीजें पता चल सकेंगी।
पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है। जांच के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा। आईसीयू में भर्ती तीन में दो की हालत गंभीर है।
-डॉ, नरेंद्र गोतियाल. चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसी