आतंकियों ने एक बार फिर से जवानों को निशाना बनाने के लिए भोर में हमला करने के फार्मूले को अपनाया है। तड़के में जवानों के ड्यूटी बदलने का समय होता है इसी बीच अक्सर आतंकी हमले को अंजाम देते हैं। जम्मू के सुंजवां हमले में आतंकियों ने सुबह के पांच बजे कैंप में गोलीबारी करते दाखिल हुए।
आतंकियों द्वारा भोर में हमला करने का फार्मूला कोई नया नहीं है इसके पहले भी होने वाले सभी बड़े हमलों में आतंकियों ने भोर के 4-6 के बीच का समय चुना था। उड़ी में सेना के कैंप में हमला करते समय भी आतंकी सुबह के साढ़े पांच बजे दाखिल हुए थे।
पुलवामा के जिला पुलिस लाइन हमले में भी तड़के करीब 3:45 बजे 3 आतंकियों का दल दाखिल हुआ था। घुसते ही उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और ग्रेनेड दागे। श्रीनगर एयरपोर्ट के करीब स्थित बीएसएफ कैंप के हमले में सुबह करीब 4.30 बजे आतंकवादी फायरिंग करते हुए बीएसएफ कैंप के अंदर घुस गए।
आतंकियों द्वारा बार-बार भोर के समय में हमला होने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात को गंभीरता से नहीं ले रही है। सुरक्षा में चूक के चलते ही आतंकी अपने नापाक मंसूबों को कामयाब करने में सफल हो जाते हैं।