रियासत में शुक्रवार को मौसम साफ होने पर भी चौथे दिन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुल नहीं पाया। रामबन-बटोत के बीच नाशरी पीढ़ा और सेरी रामबन के पास 20-25 फीट सड़क के बह गई है।
शैतानी नाले के पास पहाड़ी से लगातार बर्फ के तोंदे गिरने से 15-20 फीट बर्फ सड़क पर जम गई है। बर्फ पिघलने से हाईवे पर कई जगह फिसलन से खतरा बरकरार है। शनिवार को भी हाईवे का खुलना मुश्किल लग रहा है।
मौसम साफ होने पर श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शुक्रवार को 34 उड़ाने बहाल हुईं। इसमें एक अतिरिक्त फ्लाइट थी। हाईवे बंद होने से उधमपुर और राजमार्ग के अन्य हिस्सों में करीब 1200 ट्रकों के साथ कुछ यात्री वाहन फंसे हुए हैं।
गत मंगलवार की शाम को कई हिस्सों में भूस्खलन से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। रामबन-बटोत के बीच क्षतिग्रस्त हुए हाईवे को दुरुस्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। हाईवे ट्रैफिक डीएसपी तिलक राज शर्मा ने बताया कि सड़क मार्ग के कई जगह क्षतिग्रस्त होने से दिक्कतें आ रही हैं। इसमें क्रेट डालकर हाईवे को जल्द सुचारू बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।
शैतानी नाले के पास एवलांच का खतरा बना हुआ है। जिससे सड़क पर पहाड़ी से बर्फ गिर रही है। इस बीच जम्मू में दिनभर मौसम साफ रहा। लेह न्यूनतम माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ सबसे सर्द रहा। हाईवे बंद होने से जम्मू बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर घाटी की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं।