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Jammu News: पदकों की राह में अव्यवस्था रोड़ा.... राष्ट्रीय खेलों को 14 दिन शेष, जिम्मेदारी भूली स्पोर्ट्स काउंसिल

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घोषणाओं के बावजूद अभी तक तैयारियों के लिए नहीं लग पाया शिविर, खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर शुरू की तैयारियां
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राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले 21 दिन का शिविर लगाना है अनिवार्य
28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड में होगा आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पदकों की राह में अव्यवस्था रोड़ा बनने गली है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए अब सिर्फ 14 दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक घोषणाओं के बावजूद तैयारियों के लिए शिविर नहीं लग पाया है। इससे साफ है कि जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल अपनी जिम्मेदारियों को भूल चुकी है।
इसके चलते अब खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारत का ओलंपिक कहे जाने वाले राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले प्रदेश का खिलाड़ियों की तैयारी अच्छी नहीं होगी तो पदक की अपेक्षा नहीं की जा सकती। नेशनल गेम्स में प्रदेश के वुशु, फेंसिंग, जिम्नास्टिक और वॉटर स्पोर्ट्स खेलों में करीब 85 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
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राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड में होंगे, जिसकी घोषणा नौ अक्टूबर को हुई थी। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल खिलाड़ियों के शिविर नहीं लगा पाई है। इसकी जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की है।
नियमों के अनुसार राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले खिलाड़ियों के लिए 21 दिन का शिविर लगाना अनिवार्य होता है, ताकि वह तैयारियों को पुख्ता कर सकें। कई राज्य तो अपने टीमों के लिए मेजबान राज्य में ही कैंप लगाते है, ताकि खिलाड़ी वहां की परिस्थितियों में ढलकर तैयारियों को मजबूत कर सकें।
लेकिन, जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल आयोजन स्थल तो दूर घर पर भी शिविर नहीं लगा पाई है।


आपसी तालमेल के लिए काउंसिल को लगाना चाहिए था शिविर
वुशु के एक खिलाड़ी के अनुसार राष्ट्रीय खेलों के लिए शिविर का आयोजन होना चाहिए था, लेकिन अब तक स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। शिविर लगाने से चयनित खिलाड़ी एक स्थान पर तैयारी कर सकते थे। इससे आपसी तालमेल बिठाने में मदद मिलती है। इसका असर खेल पर पड़ता है।


शिविर, किट की जिम्मेदारी काउंसिल की


जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन का काम स्पोर्ट्स काउंसिल को खिलाड़ियाें की सूची देना और उनके लिए आयोजन स्थल पर ठहरने की व्यवस्था करवाना है। खिलाड़ियों के शिविर, किट और आयोजन स्थल तक पहुंचने की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की है, लेकिन अभी तक कैंप नहीं लग पाया है।
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- दुष्यंत शर्मा, अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन
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काउंसिल शिविर लगाने में विफल
राष्ट्रीय खेल जैसे बड़े आयोजन के लिए शिविर लगाना जरूरी होता है। स्पोर्ट्स काउंसिल अभी तक शिविर लगाने में विफल रही है। इस तरह की मानसिकता खेल और खिलाड़ियों के ठीक नहीं है। स्पोर्ट्स काउंसिल खेल एसोसिएशन के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करती है, लेकिन शिविर लगाने में पिछड़ जाती है।
- सतपाल शर्मा, पूर्व कोच
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