स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम शनिवार को केंद्रीय शहरी आवासन मंत्रालय ने घोषित किया। इसमें जम्मू शहर स्वच्छता में अपेक्षाकृत खरा नहीं उतरा। इस बार शहर 199वें स्थान पर रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 स्थान नीचे खिसक गया। 2021 में जम्मू शहर को 169वां स्थान मिला था।
जम्मू शहर को स्वच्छ बनने के नगर निगम के सभी दावों की पोल ताजा स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम खोल रहे हैं। शहर को 2021 की तुलना में 30 अंक कम मिले हैं। यानी शहर में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है। नगर निगम स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन रैंकिंग में लगातार गिरावट निगम के दावों को खोखला साबित कर ही है। 2020 में जम्मू शहर की रैकिंग 224 थी, जबकि 2019 में शहर को 329वां स्थान मिला था।
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए निगम ने विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने के साथ कचरा निस्तारण, जलनिकासी की समस्या का समाधान और हर घर से कचरे को उठाने पर विशेष जोर दिया था। लेकिन, निगम की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते यह अभियान रंग नहीं ला पाए। इसलिए, इस बार स्वच्छता में सुधार की बजाय उसमें गिरावट आई है।
लक्ष्यों को नहीं प्राप्त कर सकी नगर निगम
जम्मू शहर में नगर निगम सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौच से निजात पाने में असफल रही। इसके अलावा खुले में शौच मुक्त शहर, ठोस कचरा निपटान, डोर टू डोर सफाई, व्यक्तिगत शौचालय और संचार द्वारा स्वच्छता का प्रचार जैसे लक्ष्य भी निगम की पहुंच से दूर रहे।
ठीक से लागू नहीं हुई घर घर जाकर कचरा उठाने की व्यवस्था
जम्मू शहर में इस बार घर घर जाकर कचरा उठाने की व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हुई। शहर के एक तिहाई हिस्से में हर घर से कचरा संग्रहण के ऑटो नहीं जाते हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खाली प्लॉट में गंदगी का अंबार लगा है। खाली प्लॉट में लोग झुग्गियों में रहते हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था निगम नहीं करवाती। साथ ही कचरा प्वाइंटों पर समय से कचरा नहीं उठता।