अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
श्राइन बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह निर्णय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की हाल की बैठक के दौरान लिया गया था। एसएमवीडीएसबी के अतिरिक्त सीईओ आलोक कुमार मौर्य, टीएचडीसीआईएल के जीएम डिजाइन (सिविल-II) डॉ. नीरज अग्रवाल और जीएसआई (एनआर) के उप महानिदेशक संजीव कुमार ने अंशुल गर्ग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसएमवीडीएसबी और श्राइन बोर्ड, टीएचडीसीआईएल और जीएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू में तीर्थयात्रा ट्रैक पर संभावित जोखिमों की पहचान करने के लिए भूवैज्ञानिक जांच और भू-तकनीकी सर्वेक्षण करने के लिए समितियों की स्थापना करके एसएमवीडीएसबी, टीएचडीसीआईएल और जीएसआई के कार्य, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का दायरा बताया गया है। बयान में कहा गया है कि एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भूस्खलन और चट्टानों के गिरने से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए प्रभावी उपायों को विकसित करने और लागू करने के लिए किया जाएगा। साझेदारी से तीनों संगठनों के बीच विशेषज्ञता और संसाधनों को साझा करने में भी मदद मिलेगी।