शहर के वेयरहाउस, अखनूर रोड, रायपुर सतवारी कई सड़कें खोल रहीं विभाग की कार्यप्रणाली की पोल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर की सड़कों में बिना मानकों से डाली गई तारकोल विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोल रही हैं। तारकोल उखड़ने से जगह-जगह पड़े गड्ढे वाहन चालकों सहित स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं। चालकों ने प्रशासन और विभाग से सुध लेकर तारकोल बिछाने के दौरान मानकों का ध्यान रखने की अपील की है।
मौजूदा समय में शहर के वेयरहाउस, बेलीचराना, नानक नगर, अखनूर रोड और रायपुर सतवारी सहित कई सड़कों की हालत खराब है। इन सभी सड़कों में बीते साल तारकोल बिछाई गई थी। सड़कों में जहां भी गड्ढे पड़े हैं वहां पर पत्थर बिछाकर तारकोल से सेट कर काम चलाया जा रहा है। वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर एक-दो माह में ही फिर से तारकोल उखड़ने लगती है।
बारिश के दौरान गड्ढे बढ़ जाते हैं। इससे विभाग को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन सुविधा नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। वेयरहाउस की सड़कों में जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं। रायपुर सतवारी सड़क का भी ऐसा ही हाल है।
यह हैं मानक
लोक निर्माण विभाग के अनुसार तारकोल बिछाने के दौरान पांच मानकों का ध्यान रखना पड़ता है। पहले सड़क से पुराना तारकोल हटाना जरूरी होता है। इसके बाद समतल करना, रोड़ी बिछाने, मिट्टी डालने, पत्थर नए सिरे से डालने और सेट करने के बाद तारकोल बिछाने का प्रावधान है। लेकिन, मौजूदा समय में इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
सड़क में गड्ढे हैं। लोग और वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। बीते साल भी प्रदर्शन कर मांग की गई थी। इस साल भी स्थिति खराब हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग सड़कों में जल्द तारकोल बिछाए।
- दीपक गुप्ता, अध्यक्ष, ट्रेडर्स फेडरेशन, वेयरहाउस नेहरू मार्केट
कोट
कुछ सड़कों की शिकायत मिली है। यहां पर दोबारा तारकोल बिछाया जाएगा। ठेकेदारों को मानकों का पूरा ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
- राजेश गुप्ता, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
शहर की बदहाल सड़कें बढ़ा रहीं परेशानी
-केस एक : यहां पर टूटे हैं नियम
वेयरहाउस में बीते साल मई माह में तारकोल डाली गई थी। यहां पर खुदाई कर तारकोल बिछाने की मांग थी। मगर, तारकोल ऐसे ही बिछाई गई और सेट कर दिया। अब सड़क से तारकोल गायब होना शुरू हो गई है। इस बारे में व्यापारियों की ओर से भी शिकायत लोक निर्माण विभाग में की गई है।
-केस दो : पता ही नहीं चलता कि तारकोल बिछाई थी
रायपुर-सतवारी में भी ऐसा ही हुआ है। सड़क से बीते साल डाली तारकोल गायब हो चुकी है। अब दोपहिया वाहन चालकों को संभल कर गुजरना पड़ता है। बरसात में गड्ढे काफी गहरे हो गए हैं। इसके बाद तारकोल नहीं बिछ पाई है।
- केस तीन : लाखों रुपये खर्च, नहीं मिला लाभ
नानक नगर की सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। सड़क में तारकोल डालने पर काम बीते साल हुआ था। अभी तक तारकोल नहीं बिछ पाई है। बार-बार काम के कारण लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। लोगों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पाई है।