राया मोड़ से मीरां साहिब तक 15 किमी का हिस्सा बना नशा तस्करों, अपराधियों का गढ़
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चार पुलिस थानों के बावजूद रिंग रोड़ पर रात्रि सफर खतरे से खाली नहीं है। राया मोड़ से मीरां साहिब तक रिंग रोड के 15 किलोमीटर हिस्से पर एक भी सुरक्षा नाका नहीं है। इस कारण यह क्षेत्र अपराधियों, नशा तस्करों और खनन सामग्री का परिवहन करने वाला का गढ़ बनता जा रहा है। आए दिन लूटपाट की घटना सामने आ रही है, लेकिन सुरक्षा के कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सांबा जिले के विजयपुर पुलिस थाने के क्षेत्राधिकार में राया मोड़ आता है, जहां से रिंग रोड शुरू होता है। यहां से एक किलोमीटर आगे तरौर गांव पड़ता है, जो बाड़ी ब्राह्मणा पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। इसके बाद सरौर का इलाका आता है, जो बिश्नाह थाने और मीरां साहिब सतवारी पुलिस थाने में आता है। लेकिन इतने बड़े हिस्से में रात के समय एक भी सुरक्षा नाका नहीं होता है। इसके कारण रात के समय से यहां अपराधिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। वाहन चालकों से लूटपाट की वारदातें सामने आ रही हैं। 21 फरवरी को बिश्नाह के अंतर्गत रिंग रोड पर एक ट्रक चालक से लूटपाट और मारपीट की गई थी।
रिंग रोड पर हुईं वारदातें
- सितंबर 2022 में बिश्नाह क्षेत्र के गांव चक अवतारा के पास रिंग रोड पर दो वाहन सवार युवकों ने एक-दूसरे पर गोलियां चलाईं थीं। इसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था।
- 28 जुलाई 2022 को रिंग रोड पर चोरी की चार वारदातें हुई थीं
- सितंबर 2023 में बिश्नाह के मुरार चक में रिंग रोड किनारे खड़ी कार में एक शव मिला था
रिंग रोड़ पर हो रही वारदातों की जानकारी है। जल्द जम्मू जिले में आने वाले रिंग रोड़ के हिस्से में नाके स्थापित किए जाएंगे। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. विनोद गुप्ता, एसएसपी, जम्मू