इस श्रेणी में नेकां का भी एक भी विजेता प्रत्याशी नहीं है। भाजपा के चार विधायक ऐसे होंगे जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की है और इस श्रेणी में नेकां के ऐसे छह विधायक शामिल होंगे।
नए विधानसभा सदस्यों की शैक्षणिक योग्यता के समग्र विश्लेषण से पता चलता है कि चार विधायकों ने 10वीं की परीक्षा पास नहीं की है, जबकि नौ मैट्रिक पास हैं। एक दर्जन विधायक 12वीं पास हैं।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहली विधानसभा के सदस्य 16 स्नातक और 32 परास्नातक हैं, जिनके पास पेशेवर डिग्री है, जबकि 12 सदस्यों ने स्नातकोत्तर डिग्री पूरी की है। सदन में दो डिप्लोमा धारक भी होंगे।
अन्य दो पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। इस बार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे विधायकों की संख्या में वृद्धि हुई है। पूर्ववर्ती राज्य की 87 सदस्यीय विधानसभा में केवल पांच विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से दो पर गंभीर आरोप थे।