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Jammu Result: नई सरकार में शपथ लेने वाले 70 प्रतिशत से अधिक विधायक होंगे स्नातक, भाजपा में आठ 10वीं पास

Sun, 13 Oct 2024 01:45 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) जो 42 सीटों के साथ चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, के विधायक दल में 16 स्नातक पेशेवर डिग्री वाले और पांच स्नातकोत्तर हैं। 
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Jammu Result - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दस साल बाद जम्मू-कश्मीर में बनने जा रही नई सरकार में शपथ लेने वाले 90 विधायकों में 70 प्रतिशत से अधिक स्नातक होंगे। इन सदस्यों ने अपनी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक घोषित की है, जिनमें तीन डॉक्टरेट डिग्री वाले हैं।
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गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विजयी हुए सभी तीन डॉक्टरेट डिग्री धारक भाजपा के हैं। इसके अलावा छह स्नातक पेशेवर डिग्री वाले और चार स्नातकोत्तर विधायक हैं। 

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) जो 42 सीटों के साथ चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, के विधायक दल में 16 स्नातक पेशेवर डिग्री वाले और पांच स्नातकोत्तर हैं। 
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ विधायकों ने मैट्रिकुलेशन (दसवीं) को अपनी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता घोषित किया है, जबकि नेकां में ऐसे विधायकों की संख्या सिर्फ एक है। भाजपा के दो विधायक ऐसे भी हैं जिन्होंने कक्षा 10 की परीक्षा भी पास नहीं की है। 

इस श्रेणी में नेकां का भी एक भी विजेता प्रत्याशी नहीं है। भाजपा के चार विधायक ऐसे होंगे जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की है और इस श्रेणी में नेकां के ऐसे छह विधायक शामिल होंगे।

 

नए विधानसभा सदस्यों की शैक्षणिक योग्यता के समग्र विश्लेषण से पता चलता है कि चार विधायकों ने 10वीं की परीक्षा पास नहीं की है, जबकि नौ मैट्रिक पास हैं। एक दर्जन विधायक 12वीं पास हैं। 
 

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहली विधानसभा के सदस्य 16 स्नातक और 32 परास्नातक हैं, जिनके पास पेशेवर डिग्री है, जबकि 12 सदस्यों ने स्नातकोत्तर डिग्री पूरी की है। सदन में दो डिप्लोमा धारक भी होंगे।

पिछली सरकार के मुकाबले आपराधिक मामलों वाले विधायक बढ़े, नौ के खिलाफ केस
एडीआर के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 90 विधायकों में नौ के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आठ पर गंभीर आरोप हैं। इन केसों में पांच या उससे अधिक साल की जेल की सजा हो सकती है। इनमें से पांच विधायक नेशनल कांफ्रेंस के हैं, जिनमें चार पर गंभीर आरोप हैं, जबकि दो भाजपा विधायकों पर भी गंभीर आपराधिक मामले हैं।
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अन्य दो पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। इस बार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे विधायकों की संख्या में वृद्धि हुई है। पूर्ववर्ती राज्य की 87 सदस्यीय विधानसभा में केवल पांच विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से दो पर गंभीर आरोप थे।


 
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