प्रदर्शनकारी ने बताया कि उनकी दो मुख्य मांगें हैं। पदों को डी फ्रीज करने के प्रस्ताव को रद्द किया जाए और प्रोबेशन अवधि को सात साल से घटाकर पांच साल किया जाए। जब तक उन्हें लिखित में आदेश जारी नहीं किया जाएगा, तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।
रहबर-ए-खेल शिक्षकों का प्रदर्शन बुधवार को 23वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल हुए। शिक्षक अपनी मांगों को लेकर पिछले प्रदेश भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। कड़कड़ाती ठंड और बारिश के बीच भी खेल शिक्षक अपनी मांगों के लिए अड़े हुए हैं।
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एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उनकी दो मुख्य मांगें हैं। पदों को डी फ्रीज करने के प्रस्ताव को रद्द किया जाए और प्रोबेशन अवधि को सात साल से घटाकर पांच साल किया जाए। जब तक उन्हें लिखित में आदेश जारी नहीं किया जाएगा, तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। वे पीछे नहीं हटेंगे।
रहबर-ए-खेल शारीरिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष धीरज सलारिया ने कहा कि भाजपा नेताओं ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। लेकिन भाजपा की तरफ से अभी तक उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है कि उनकी मांगें पूरी होंगी की नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक उनके मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा उनका संघर्ष जारी रहेगा।