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जम्मू स्टेशन की इस हालत का जिम्मेदार कौन?

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चार दशक पुराना जम्मू रेलवे स्टेशन को विस्तारीकरण का इंतजार है। इस रेलवे स्टेशन में महज तीन प्लेटफार्म हैं। रोजाना पच्चीस हजार से अधिक मुसाफिर यहां से आवाजाही करते हैं। यहां से रोज करीब 30 रेलगाडि़यों की आवाजाही होती है।
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गर्मी और धार्मिक यात्रा के दौरान यात्रियों की तादाद और बढ़ जाती है। कटड़ा रेलवे ट्रैक चालू होने के साथ ही यहां ट्रेनों की संख्या में इजाफा लाजिमी है। हालांकि, विस्तारीकरण के बाद यहां दो प्लेटफार्म और बनाए जा सकते हैं।

डीटीएम आरएन मीणा का मानना है कि जम्मू रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में दो और प्लेटफार्म बनाए जाने का प्रावधान है। इनके बनने पर यहां ट्रेनों का परिचालन और सुचारु रूप से हो सकेगा।
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लाइन खाली नहीं होने पर आउटर में खड़ी करनी पड़ती हैं ट्रेनें

कटड़ा रेलवे स्टेशन शुरू होने पर गाडि़यों का वहां तक सीधा परिचालन हो रहा है। कटड़ा में दो वाशिंग लाइन बनी हुई हैं। श्री शक्ति एक्सप्रेस ट्रेन की सफाई भी कटड़ा में ही हो रही है।

दरअसल, कटड़ा तक रेलगाडि़यों का परिचालन वहां के लिए सीधा हो रहा है, लेकिन, इसका दबाव जम्मू रेलवे स्टेशन पर भी पड़ रहा है। हाल यह है कि प्लेटफार्म खाली नहीं होने की स्थिति में ट्रेनों को आउटर में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है।

यह स्थिति उधमपुर और कठुआ दोनों ओर रेलमार्ग पर बनी रहती है। ट्रेनों से आने वाले यात्रियों का भी मानना है कि जम्मू रेलवे स्टेशन का विस्तार होना चाहिए।

प्लेटफार्म की संख्या बढ़ने से समस्या का समाधान हो सकता है। सीमित प्लेटफार्म होने से यहां मुसाफिरों की बड़ी भीड़ रहती है। इसलिए साफ-सफाई में भी दिक्कत आती है। यही नहीं यात्रियों को असुविधाओं से भी जूझना पड़ता है।
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