जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने रैली निकाली व मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नियमितीकरण नीति और लंबित वेतन जारी करने की मांग को लेकर वीरवार को जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने रैली निकाल व प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। बीसी रोड में विभाग के मुख्य अभियंता के पुराने कार्यालय में बाहर कर्मचारियों ने इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार से बजट सत्र में कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रावधान करने की अपील की।
जम्मू संभाग में 22 हजार अस्थायी कर्मचारी हैं, जो जल शक्ति विभाग में विभिन्न सेक्शन में सेवाएं दे रहे हैं। वीरवार को जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों से आए कर्मचारियों ने आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने सेंट पीटर स्कूल से केसी चौक होते हुए बीसी रोड पर जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता के पुराने कार्यालय तक रैली भी निकाली।
फ्रंट के सदस्य राजिंद्र सिंह ताज ने कहा कि लद्दाख प्रशासन ने अस्थायी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मान में शामिल किया है। उनका वेतन 30 हजार से 40 हजार रुपये हो गया है। जम्मू-कश्मीर में अस्थायी कर्मचारियों को नौ हजार रुपये वेतन मिल रहा है। इसमें भी 17 महीने से वेतन नहीं मिला है। 30 साल से कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।
अस्थायी कर्मचारियों को सरकार ने एसआरओ 64 के तहत नियमित किया है। हमें भी इसके तहत नियमितीकरण की मांग कर रहे है। विभाग और सरकार को दोहरा रवैया है। एक तरफ हमें स्थायी कर्मचारियों के लाभों से वंचित रखा है, लेकिन दूसरी तरफ सेवानिवृत्त 60 साल के बाद ही दी जाती है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर आगामी बजट में सरकार कोई प्रभावी पहल नहीं की तो पानी की आपूर्ति ठप करने के लिए मजबूर होंगे।