जम्मू कश्मीर के मानसून के आगमन के साथ ही सब्जियों के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस वर्ष मई माह में लोगों को ठंड और बारिश का आनंद तो मिला लेकिन इसका असरअब सब्जियों की पैदावार पर नजर आने लगा है। इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। इससे आम लोगों के रसोई का जायका बिगड़ना शुरू हो गया है।
टमाटर, नींबू व अन्य सब्जियों के दाम सुन खरीदारों के चेहरे लाल पड़ने लग गए हैं। मिर्च, अदरक, टमाटर, करेला, लहसुन की कीमत बढ़ने से बजट बिगड़ना शुरू हो गया है। यहां पहले लोग एक किलो टमाटर खरीद रहे थे तो वहीं अब आधा या पावभर से काम चला रही हैं।
विक्रेताओं कहना है कि बारिश से खेतों में पानी भर जाने से सब्जियां सड़ने के कारण आस-पास के जिलों से इसे मंगाना पड़ रहा है। इससे बाजार में सब्जियां महंगी हो गई हैं। सब्जी विक्रेता मोहन राज ने बताया कि बारिश के कारण हर साल सब्जी महंगी हो जाती है। क्योंकि पानी के कारण फसल खराब हो जाती है।
महंगाई पर लगाई जानी चाहिए रोक
गृहिणी शालू बसन ने बताया कि सब्जी महंगी होने से आम आदमी को बहुत परेशानी हो रही है। एक तरफ कहा जाता है कि खाने में फल और सब्जी को शामिल किया जाना चाहिए। लेकिन अगर सब्जियों के दाम इतने अधिक बढ़ते रहेंगे, तो इन्हें बजट में कैसे लाया जाएगा। परिवार में छह लोग हो तो रोजाना एक किलो सब्जी खरीदनी ही पड़ती है। महंगी सब्जी के कारण सब्जी खरीदने में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं, रंजू का कहना है कि दिन-ब-दिन महंगाई बढ़ती जा रही है। इन दिनों सब्जी के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, हरी सब्जियां पर इतने दाम तो नहीं बढ़ने चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह मंहगाई पर लगाम लगाने के लिए उचित व्यवस्था करें।
सब्जियां एक हफ्ते पहले दाम प्रति किलो मौजूदा कीमत
टमाटर 20 रुपये 80 रुपये
नींबू 60 रुपये 100-120 रुपये
अदरक 120 रुपये 180 रुपये
लहसुन 50-60 रुपये 100 रुपये
हरी मिर्च 20 रुपये 60 रुपये
अरबी 23-24 रुपये 36-40 रुपये
प्याज 8-10 रुपये 18-20 रुपये
आलू 10-12 रुपये 15-18 रुपये