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Jammu News: पूर्व अर्धसैनिक बलों ने मांगा सेना के समान हक

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वन रैंक वन पेंशन लागू करने की मांग दोहराई
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने अपनी मांगों को फिर दोहराया है। पत्रकार वार्ता में भूतपूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक बल कल्याण संघ ने सेना की तर्ज पर तमाम लाभ देने की मांग की। इसमें वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा सबसे बड़ा है। संघ का नेतृत्च करने वाले पूर्व डीआईजी वी के शर्मा ने कहा कि जब अर्धसैनिक बल सेना के समान जोखिम उठाते हैं, तो उन्हें भी सेना की तर्ज पर लाभ मिलना चाहिए।
भारतीय सेना के समान पेंशन लाभ नहीं मिलते, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनके वित्तीय उपचार में असमानता और बढ़ गई है। कर्मियों के लिए व्यापक चिकित्सा सुविधाओं की बड़ी कमी है। भारतीय सेना को मजबूत चिकित्सा सहायता प्राप्त है, लेकिन अर्धसैनिक बलों को समान स्तर की देखभाल प्रदान नहीं की जाती है। किसी कर्मी के बलिदान होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों को भारतीय सेना के सैनिकों के समान मान्यता और लाभ नहीं मिलते। केंद्र सरकार अर्धसैनिक बल कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखने सहित उनके अथक काम के बावजूद भारतीय सेना में उनके समकक्षों को मिलने वाले लाभों से वंचित हैं।
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सांसदों पर लगाए नजरअंदाज करने के आरोप
संघ के अन्य पदाधिकारी हरिंदर महाजन ने कहा कि जम्मू संभाग के सांसदों ने भी उनके मुद्दों को अब तक संसद में नहीं उठाया। सांसद जुगल किशोर और जितेंद्र सिंह पर इसे लेकर नजरअंदाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई अपीलों के बावजूद,बलों की शिकायतों को दूर करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। संघ ने आगामी विधानसभा सत्र में जम्मू कश्मीर के नव चयनित विधायकाें से इन महत्वपूर्ण मुद्दों को विधायी सत्रों में उठाने की मांग की।
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