अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बजट पर चर्चा के दौरान विस्थापित कश्मीरी पंडितों के मतदान व उनके वोटों पर तल्ख टिप्पणी करने पर भाजपा प्रवक्ता व पूर्व एमएलसी गिरधारी लाल रैना ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि अपने भाषण में कर्रा का अप्रत्यक्ष रूप से फिल्म कश्मीर फाइल्स का जिक्र करना ठीक नहीं था। इससे स्पष्ट हो गया है कि विस्थापित समुदाय के लिए उनकी चिंता दिखावटी और सतही थी।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विस्थापित समुदाय के वोटों के बारे में इतने अनभिज्ञ कैसे हो सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि विस्थापन के आरंभ से ही कश्मीरी पंडित कश्मीर में अपने मूल क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता रहे हैं। चुनाव आयोग ने 1996 में विस्थापित समुदाय के मतदान के लिए एक विशेष तंत्र तैयार किया था।
इसमें समुदाय अपने मूल स्थान पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने में सक्षम नहीं था और न ही उसने मूल स्थान पर वापस लौटने का संकल्प छोड़ा था। जीएल रैना ने आशंका जताई कि यह बयान पूरी तरह शरारती है।