जम्मू शहर के राजीव नगर और कासिम नगर में बड़े स्तर पर लोगों के नशा तस्करी में शामिल होने के शक पर पुलिस की ओर से घर-घर से जानकारी जुटाने का काम शुरू किया गया है। पुलिस को शक है कि इन इलाकों में बड़े स्तर पर बाहर के लोग आकर रह रहे और नशे की तस्करी में संलिप्त हैं।
आंकड़े भी बताते हैं कि इन क्षेत्रों में नशा तस्करी किस कदर हो रही है। हर महीने इन दो इलाकों में औसत 4 मामले नशा तस्करी के दर्ज हो रहे हैं, जबकि इन दोनों इलाकों में एक साल में 5 महिला तस्करों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस की टीम दोनों इलाकों में सभी घरों का सर्वेक्षण करके इनकी जानकारी जुटा रही है। किस घर में कौन कौन रहता है, क्या काम करता है, कब से रहता है और यदि कोई किराये पर रहता है या फिर मकान खरीद कर रह रहा है, तो वह किस जगह से आया है। पुलिस को शक है कि बड़े स्तर पर बाहर के लोग इन इलाकों में आकर रहने लगे हैं। यह लोग बाहरी राज्यों के हैं और नशा तस्करी में संलिप्त हैं। आठ महीनों में राजीव नगर और कासिम नगर में नशा तस्करी 25 मामले दर्ज हो चुके हैं। यह दोनों ऐसे इलाके हैं, जहां पर सबसे अधिक नशा तस्करी के मामले दर्ज हो रहे हैं।
कहां-कहां के लोग रह रहे
सूत्रों का कहना है कि इन इलाकों में पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नेपाल, बिहार के बड़े स्तर पर लोग रहे हैं, जो नशा तस्करी में संलिप्त हैं। पहले यह लोग गांजा और चरस की तस्करी करते थे। वहीं, अब हेरोइन की तस्करी में भी शामिल हो रहे हैं, क्योंकि इनको मोटी कमाई हो रही है।
महिला तस्करों की भी पहचान
पुलिस ने 7 से 8 महिलाओं की भी पहचान की है, जो इन इलाकों में नशा तस्करी कर रही हैं। इन पर कार्रवाई करने के लिए विशेष नजर रखी जा रही है।