विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के कारण पुलिस का रुटीन वर्क प्रभावित होने लगा है, इसकी वजह से कुछ दिनों से पुलिस थानों, चौकियों और विभागीय कामकाज पर असर देखने को मिला है। ताजा मामलों में एफआईआर, आरोपियों की पेशी, कोर्ट की तारीख और चालान पेश करने के रूटीन वर्क लंबित हो रहे हैं।
थाने और चौकियां पहले से ही स्टाफ के अभाव में हैं और ऊपर से चुनावी स्टाफ के साथ मुलाजिमों की ड्यूटियां लगा देने से दिक्कत बढ़ने लगी है। प्रमुख रूप से चुनाव में कोई खलल न डाल सके, इसको देखते हुए हिस्ट्री शीटर और भगोड़ों की तलाश पूरे जोर-शोर से जारी है।
जम्मू में विधानसभा चुनाव आखिरी चरण में होना है। पुलिस प्रशासन इसके लिए एक माह पहले से तैयारियां किए हुए है। खंगाले गए रिकार्ड में एक हजार हिस्ट्री शीटर जम्मू में हैं, इन्हें तथा इनकी गतिविधियों पर संबंधित थानों के एसएचओ को कड़ी नजर रखने के सख्त आदेश दिए हैं।
हाल ही में नोटिस जारी करके हथियार रखने वाले लाइसेंस धारकों को अपने हथियार जमा करवाने के लिए कहा गया है। सभी थानों के संबंधित इलाकों से लोगों की ओर से हथियार जमा करवाए जा रहे हैं। इनकी संख्या अभी सैकड़ों में पहुंच गई है, जो कि रोजाना बढ़ रही है।
यही नहीं, संदिग्ध लोगों से बाउंड भरवाए जा रहे हैं, जिसमें उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर, मूल पता, मौजूदा पता और फोटो लिए जा रहे हैं। शहर के सभी थानों से मुलाजिमों को चुनावी स्टाफ एआरओ, फ्लाइंग स्क्वायड, वीडियो सर्विलांस और स्पेशलनाकों में लगाया गया है। शहर की सुरक्षा तो इस लिहाज से सख्त हुई है, लेकिन चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। फिर केस दर्ज होने के बाद आगे की प्रक्रिया अटक रही है।