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Lahu Gujjar: रिंग रोड से सटे गांवों को ट्रांजिट कैंप की तरह इस्तेमाल करता था लाहू, चौंकाने वाले हो रहे खुलासे

Wed, 08 Apr 2026 03:07 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

अब सात दिनों की रिमांड के दौरान पुलिस को लाहू से उसके नेटवर्क की और जानकारी मिलने की उम्मीद है। उसकी निशानदेही पर उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी। पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लाहू और उसके गुर्गों को हथियारों की सप्लाई कौन करता है? 
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Lahu Gujjar - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुख्यात ड्रग एवं मवेशी तस्कर लाहू गुज्जर मंगलवार को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। तस्करी का ये मास्टरमाइंड जम्मू रिंग रोड से सटे गांवों को ट्रांजिट कैंप के रूप में इस्तेमाल कर अपना ड्रग नेटवर्क चला रहा था। उसने इन गांवों में ड्रग तस्करी के लिए प्वाइंट बना रखे थे। यहां से उसके गुर्गे गांव-गांव तक नशीले पदार्थ पहुंचाते थे।
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लाहू गुज्जर कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को फिर से आरएस पुरा के मुंसिफ कोर्ट में पेश किया गया। मीरां साहिब पुलिस ने उसने पूछताछ के लिए सात दिन की रिमांड मांगी। इसे कोर्ट ने इस बार स्वीकार किया। 

अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क, नशे के अड्डे, अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय संपर्कों को खंगालेगी। इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने एक दिन की रिमांड दी थी। लाहू गुज्जर से मीरां साहिब पुलिस और विशेष टीम भी पूछताछ कर रही है। 
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अब तक पुलिस पूछताछ में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है वह यह कि लाहू गुज्जर ने जम्मू की रिंग रोड से सटे गांवों को ट्रांजिट कैंप के रूप में तब्दील कर रखा था। इन गांवों की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसने वहां ड्रग की सप्लाई के लिए खास प्वाइंट बनाए थे। 

 

ये न केवल ड्रग की खेप को छिपाने और आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होते थे बल्कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए लाहू के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाने भी थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं गांवों से ड्रग को दूसरी जगह भेजा जाता था।
 

अब हथियारों के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
अब सात दिनों की रिमांड के दौरान पुलिस को लाहू से उसके नेटवर्क की और जानकारी मिलने की उम्मीद है। उसकी निशानदेही पर उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी। पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लाहू और उसके गुर्गों को हथियारों की सप्लाई कौन करता है? 

 

जम्मू और सांबा के विभिन्न थानों में दर्ज दर्जनों एफआईआर के आधार पर उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि इस रिमांड के दौरान अंतरराज्यीय मवेशी तस्करी और ड्रग्स सिंडिकेट के कई बड़े चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।

 

ड्रग ने हंसते-खेलते घरों के चिराग भी बुझाए
2010 में दूध के कारोबार से शुरुआत करने वाला लाहू देखते ही देखते ड्रग के काले धंधे का मास्टरमाइंड बन गया। सूत्रों ने बताया कि जम्मू और सांबा के सीमावर्ती इलाकों में वह मौत का सिंडिकेट चलाता था। उसने चिट्टे की सप्लाई के जरिए न केवल युवाओं को नशे की गर्त में धकेला बल्कि कई हंसते-खेलते घरों के चिराग भी बुझा दिए। 

 

उसका नेटवर्क सरोर, बाड़ी ब्राह्मणा और बिश्नाह जैसे क्षेत्रों में गहराई तक फैला था। वह बेहद शातिर तरीके से नए पैडलर्स को लालच और डर दिखाकर अपने गिरोह में शामिल करता था। ड्रग तस्करी के साथ-साथ वह मवेशी तस्करी और लूटपाट में भी शामिल रहा। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश कर रही है।

लोगों ने ली राहत की सांस, कहा- नेटवर्क को ऐसा तोड़ें कि कोई दूसरा लाहू पैदा न हो
लाहू गुज्जर की गिरफ्तारी से बिश्नाह के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस लाहू के नेटवर्क को इस तरह से तोड़े कि कोई दूसरा ऐसा नशे का सौदागर पैदा न हो। लोग चाहते हैं कि पुलिस उसके नेटवर्क को ऐसा तोड़े कि कोई दूसरा लाहू पैदा न हो।

 

बिश्नाह के पूर्व सरपंच जितेंद्र सिंह ने कहा कि लाहू गुज्जर अपने काले कारनामों के चलते क्षेत्र में खौफ और आतंक का पर्याय बना चुका था। नशा, पशु तस्करी के साथ हत्या करने से भी नहीं डरता था। बिश्नाह, अरनिया और अन्य गांवों में नशा पहुंचने का जिम्मेदार है।

समाज सेवक एवं गौ रक्षक शुभम मन्हास ने कहा कि लाहू गुज्जर की गिरफ्तारी बिश्नाह क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है। उसके कारण ही कई युवाओं का मौत नशे के ओवरडोज से हुई थी। लाहू गुर्जर के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। लाहू गुज्जर का खौफ इतना ज्यादा थी वो पुलिस कर्मियों पर हमला करता था। इसके पीछे उसका मकसद आम लोगों में डर बैठाने होता था ताकि उसे उसके खिलाफ कुछ न बोले।
 
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बिश्नाह के पूर्व पंच राकेश कुमार ने कहा कि लाहू गुज्जर के पकड़े जाने को क्षेत्रवासियों के लिए राहत है। युवाओं को नशे की तरफ धकेलने में लाहू गुज्जर और उसके भाइयों का बड़ा हाथ रहा है। पुलिस उसे पूरे नेटवर्क को तोड़े ताकि कोई यहां से कोई और लाहू गुज्जर पैदा न हो।
 
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