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बाहरी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करा वसूली करने वालों पर रिपोर्ट तलब

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जम्मू/श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में दूसरे प्रदेश के लोगों पर फर्जी मामले दर्ज कर उनसे वसूली करने वालों के बारे में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट बाल कृष्ण गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 नवंबर को होगी।
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मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने बाल कृष्ण की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के दौरान पाया कि 9 दिसंबर 2019 को अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दाखिल रिपोर्ट में स्वीकार किया था कि इस तरह का एक रैकेट सक्रिय है। अदालत ने कहा कि उसे नहीं लगता कि अधिकारियों द्वारा प्रभावी और उचित कदम उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने एक पूरक हलफनामे के माध्यम से विभिन्न मामलों का विवरण रिकॉर्ड पर अदालत में पेश किया गया। जिसमें निर्दोषों से पैसे वापस लेने की विस्तृत जानकारी थी। अदालत ने कहा, पूरक हलफनामे की एक प्रति वरिष्ठ एएजी बीए डार को दी जाती है वह तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि संबंधित एसएसपी तथा अन्य श्रोतों से जानकारी एकत्र करने के बाद डीजीपी अगली सुनवाई पर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।
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कांग्रेस के पूर्व विधायक भट की मानहानि
का मामला खत्म करने की याचिका खारिज
-पीडीपी नेता सरताज मदनी ने अनंतनाग सीजेएम के यहां दर्ज कराई थी शिकायत
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व कांग्रेस विधायक मोहम्मद अमीन भट द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2018 में अनंतनाग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनंतनाग के समक्ष पीडीपी के पूर्व नेता सरताज मदनी द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत को रद्द करने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति संजय धर की पीठ ने कहा, शिकायत में दिए गए वक्तव्य और उसके समर्थन में दिए गे साक्ष्य स्पष्ट रूप से याचिकाकर्ता (भट) के खिलाफ धारा 500 आरपीसी के तहत अपराध कको पुख्ता करती है। अनंतनाग के मजिस्ट्रेट ने शिकायत के साथ-साथ शिकायतकर्ता और उसके गवाह के प्रारंभिक बयान पर अपने विवेकानुसार पाया कि धारा 500 आरपीसी के तहत भट द्वारा अपराध किया गया है, जिसके बाद उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की गई। इसलिए 20 अगस्त 2018 को जारी आदेश में कोई दोष नहीं। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों के आधार पर याचिका को याचिका आधारहीन पाया जाता है और इसे खारिज किया जाता है। अब ट्रायल कोर्ट मामले को कानून के अनुसार आगे बढ़ाएगा। पीडीपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूब मुफ्ती के मामा मदनी ने 2018 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनंतनाग के समक्ष भट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय मदनी अनंतनाग के देवसर निर्वाचन क्षेत्र से तत्कालीन जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य थे। मदनी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 14 जुलाई 2018 को कांग्रेस विधायक मोहम्मद अमीन भट ने देवसर में और कुंड में जनसभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने (मदनी ने) गरीबों को लूटकर 10000 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की और 40 लाख रुपये का कर्ज माफ कर दिया। भट ने यह भी आरोप लगाया कि मदनी ने लरकीपोरा में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए बिना किसी निविदा प्रक्रिया के अनंतनाग में अपने बेटे को 200 करोड़ रुपये की परियोजना का आवंटन सुनिश्चित किया और प्रत्येक नियुक्ति के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत भी ली। जेएंडके बैंक को इसके अलावा हर अधिकारी से एक करोड़ रुपये की राशि मिली। भट ने यह भी आरोप लगाया कि मदनी ने चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू, पहलगाम और बिहार में संपत्ति जमा की है।
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