जम्मू। वन रक्षक (गार्ड) प्रशिक्षण स्कूल डूमी (अखनूर) से 31 वन रक्षकों ने अपना प्रवेश स्तर का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। डूमी में शुक्रवार को हुई पासिंग आउट परेड में वन विभाग को नए वन रक्षक मिले। इनकी तैनाती के साथ वनों की सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। पासिंग आउट परेड में वन रक्षकों का हौसला बढ़ाने पहुंचे आयुक्त सचिव संजीव वर्मा ने वन शहीद स्मारक का उद्घाटन करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
परेड में वन सुरक्षाबल, वन रक्षकों, वन रक्षक प्रशिक्षुओं और सीमा सुरक्षाबल के ब्रास बैंड के दस्ते ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अकादमी में नौशेरा वन डिवीजन के अमित कुमार ने पहला, बटोत वन डिवीजन के अंग्रेज सिंह ने दूसरा और वाइल्ड लाइफ डिवीजन राजोरी के पवन कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया। अन्य पाठ्यक्रम गतिविधियों में बसोहली फॉरेस्ट डिवीजन के केवल सिंह ने पहला, नौशेरा डिवीजन के राजबिंदर सिंह ने दूसरा और पुंछ डिवीजन के अब्दुल रहमान खान ने तीसरा स्थान पाया।
आयुक्त सचिव ने फ्रंटलाइन अधिकारियों को प्रदेश की हरित संपदा की सुरक्षा के लिए खुद को समर्पित करने को प्रेरित किया। उन्होंने वनों के प्रबंधन के साथ गैर इमारती वन उत्पादों, जलाऊ लकड़ी, चारा के लिए पंचायती राज संस्थाओं और लोगों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। ग्रीन इंडिया मिशन से वनों की गुणवत्ता बढ़ाने में और मदद मिलेगी। वनों की बहु कार्यात्मक भूमिका और इन वन संसाधनों के प्रबंधन व संरक्षण में वन फ्रंटलाइन स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वन संरक्षक डॉ. मोहित गेरा ने कहा कि फ्रंटलाइन कर्मचारी प्रदेश के वनों के उद्देश्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र की चुनौतियों, अतिक्रमण, वन क्षति, जंगल की आग और अन्य दबावों को पार करके वनों की सुरक्षा के लिए वन रक्षक अहम योगदान दें। उन्होंने वन संरक्षण कार्यों में ग्राम पंचायतों और अन्य जमीनी स्तर की संस्थाओं में जैव विविधता प्रबंधन समितियों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को शामिल करने का आह्वान किया। इस दौरान प्रिंसिपल नरेश मजोत्रा आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश में चार वनवासी स्मारक विकसित होंगे
वन विभाग चालू वर्ष चालू वर्ष में चार वनवासी स्मारक विकसित कर रहा है, जिसमें से दो का निर्माण पूरा हो चुका है। कश्मीर वन प्रशिक्षण विद्यालय चित्तरनार के उन्नयन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। फ्रंटलाइन स्टाफ के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ाया जा रहा है। प्रशिक्षण स्कूलों के उन्नयन और वानिकी कर्मियों की क्षमता निर्माण के लिए जेआईसीए योजना पहले ही एमओईएफसीसी, नई दिल्ली को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जा चुकी है।