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Jammu: एक और बच्ची ने दम तोड़ा, अब तक 15 की मौत; इस गांव में रहस्यमयी तरीके से हो रही मौतों से डॉक्टर भी हैरान

Thu, 16 Jan 2025 02:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू के बड्डाल गांव में एक और बच्ची ने दम तोड़ दिया है। अब तक पंद्रह लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में रहस्यमयी तरीके से हो रही मौतों से डॉक्टर भी हैरान हैं। स्वास्थ्य मंत्री व मुख्य सचिव ने भी माना कि बीमारी से मौतें नहीं हुई हैं।
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बड्डाल मे अज्ञात बीमारी से मौतो के मामले युवाओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में पिछले तीन दिनों से जिंदगी के लिए जूझ रही राजोरी के बड्डाल गांव की जबीना कौसर (10) ने भी बुधवार रात दम तोड़ दिया। इसके साथ ही पिछले 38 दिन में तीन परिवारों के 12 बच्चों समेत 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
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जबीना की बहन यास्मीन अख्तर (15) की हालत भी नाजुक बनी हुई है। वहीं, बड़ा खुलासा हुआ है कि ये मौतें किसी बीमारी से नहीं हुईं। विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि मौतें न्यूरोटॉक्सिन की वजह से हुई हैं। मौतों के पीछे साजिश के तार तलाशने के लिए 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। 

टीम के सदस्यों ने बड्डाल पहुंचकर कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आगामी दिनों में कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। वहीं, तीसरे परिवार की एक अन्य बच्ची की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में हालत नाजुक बनी हुई है। 
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न्यूरोटॉक्सिन न्यूरो से अंग काम करना बंद कर देते हैं - डॉ. प्रवीण
पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण योगराज बताते हैं कि न्यूरोटॉक्सिन ऐसा जहर होता है जो हमारे दिमाग के तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं और उसकी मौत हो जाती है। कोबरा सहित अन्य जहरीले सांपों में न्यूरोटॉक्सिन होता है। कीटनाशक दवाएं, हेरोइन आदि में भी न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा-मौतों के पीछे न तो बैक्टीरिया, न ही कोई वायरस
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि बड्डाल में अब तक लिए गए सैंपलों की जांच में कोई वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण नहीं पाया गया है। यानी मौतें महामारी की वजह से नहीं हुई। मृतकों के नमूनों में कुछ न्यूरोटॉक्सिन पाए गए हैं। इसके चलते जहर से मौतें होने की आशंका है। वहीं, मुख्य सचिव अटल डुल्लू के बाद स्वास्थ्य मंत्री स्कीना इट्टू ने भी इस बात से इन्कार किया है कि बड्डाल में मौतों के पीछे कोई वायरस या बैक्टीरिया है।

 
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परिवार से बची यास्मीन की हालत भी नाजुक
एसएमजीएस अस्पताल जम्मू के डॉक्टरों के अनुसार, जबीना लगातार अचेत अवस्था में चल रही थी। बुधवार रात उसकी भी मौत हो गई। वहीं, अपने पांच भाई-बहनों को खो चुकी इकलौती बची बड्डाल निवासी यास्मीन अख्तर का भी एसएमजीएस में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, वह भी लगातार अचेत अवस्था में है। उसे आईसीयू में रखा गया है। पांच बच्चों को खो चुके बड्डाल निवासी मोहम्मद असलम एकमात्र बची यास्मीन की हालत को लेकर काफी चिंतित हैं। उधर, जम्मू के अस्पताल में बच्चों की लगातार मौतों से अन्य अभिभावकों में भी दहशत बनी हुई है।
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