पीएमओ कार्यालय में मंत्री डा. जतिंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू संभाग की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से एम्स की सख्त जरूरत है। यहां एम्स होने से गंभीर मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एम्स का साथ लगते राज्यों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। जम्मूवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही एम्स पर कोई उचित निर्णय लिया जाएगा।
जीएमसी में लाट्टी (चिनैनी) बस हादसे के घायलों का हाल जानने पहुंचे डा. सिंह ने उन्हें सभी उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जम्मू की अपेक्षाओं पर एम्स के मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है। रियासत के हालात पर खुद प्रधानमंत्री नजर रखते हैं।
लाट्टी बस हादसे के ठीक एक घंटे बाद उन्होंने ट्विट करके हादसे पर दुख जताया था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से रियासत खासकर पहाड़ी इलाकों की सड़कों में सुधार होने के बजाय हालत ज्यादा खस्ता हुई है। ओवरलोडिंग और अन्य दूसरे नियमों पर सख्ती से कार्रवाई के लिए ट्रैफिक विभाग को गंभीरता से काम करना चाहिए।
राज्य की खस्ताहाल सड़कों में सुधार के लिए प्रदेश सरकार को उचित कदम उठाने चाहिएं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने जीएमसी के वार्ड चार में खुद स्टेथो लगाकर मरीज की जांच की। उन्होंने आईसीयू सहित अन्य वार्डों में घायलों का हाल जाना। इस बीच कुछ मरीजों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी समस्याओं को भी रखा। जिस पर अस्पताल प्रशासन को तुरंत समाधान करने को कहा गया।