21 जनवरी को बीस मिनट के अंतराल पर इन पर विस्फोट किया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ सकें। पहली आईईडी विस्फोट में नौ लोग घायल हुए थे। पुलिस की विशेष टीम ने गहन जांच के बाद एक आतंकी आरिफ को गिरफ्तार किया है। वह तीन साल से पाकिस्तानी दहशतगर्दों के संपर्क में था।
नरवाल में ब्लास्ट के बाद जांच करते सुरक्षाबल
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फरवरी 2022 में शास्त्री नगर में हुए आईईडी धमाके में भी आरिफ का ही हाथ था। कटरा बस में आईईडी लगाकर धमाका भी इसी आतंकी ने किया था। डीजीपी ने बताया कि पहली बार परफ्यूम आईईडी बरामद किया है। इससे पहले इस प्रकार की आईईडी बरामद नहीं की गई है। अगर कोई इसे दबाने या खोलने की कोशिश करेगा तो आईईडी विस्फोट कर देगा। उस आईईडी को स्पेशल टीम निष्क्रिय करेगी।
नरवाल में ब्लास्ट के बाद जांच करते सुरक्षाबल
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पाकिस्तान शांति भंग करना चाहता है
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकवाद फैलाने और दुनिया भर में सैकड़ों बेगुनाह लोगों को मारने के लिए बदनाम है। जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ समय से उसके निशाने पर है। वे (पाकिस्तान) जम्मू-कश्मीर में लोगों के बीच एक सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना चाहते हैं।
जम्मू के नरवाल इलाके में ब्लास्ट के बाद पहुंची पुलिस
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आतंकी आरिफ है सरकारी स्कूल में शिक्षक
नरवाल इलाके में दो आईडी धमाके करने वाला मुख्य आरोपी रियासी का रहने वाला है। उसकी पहचान आरिफ के तौर पर हुई है। वह एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है। वर्ष 2016 से उसे शिक्षा विभाग में बतौर स्थायी शिक्षक के तौर पर नियुक्ति मिली थी।
जम्मू के नरवाल इलाके में ब्लास्ट के बाद पहुंचे सुरक्षाबल
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उसका मामा कमर पाकिस्तान के कराची में रहता है। रियासी का ही रहने वाला अन्य आतंकी कासिम भी पाकिस्तान में है। इसी के संपर्क में आरिफ 2019 से है। कासिम के इशारे पर ही आरिफ ने कटरा से आ रही बस में आईईडी लगाकर ब्लास्ट किया था।
नरवाल ब्लास्ट में घायल
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जम्मू के शास्त्री नगर और नरवाल में धमाके भी इसी ने करवाए हैं। पिछले दो सालों में आरिफ ने तीन धमाकों को अंजाम दिया। उसके पास से परफ्यूम आईईडी भी बरामद हुई है।