नगर निगम अतिक्रमण हटाने, मिलावटखोरी रोकने या यूजेस चार्जेस वसूलने से लेकर अन्य किसी बी एक्शन को मजबूत हाथों से करने की योजना बना रहा है। इसके लिए मात्र एक माह तक शहर का खाका तैयार किया जा रहा है।
जिसमें प्रत्येक फड़ी, दुकान, डेयरी, पोल्ट्री, ढाबा, रेस्तरां, होटल आदि की मूल सूचना इक्ट्ठा की जाएगी। ताकि कार्रवाई के दौरान कोई अड़चन न आए। इस कार्य को मुकम्मल करने के लिए सारा विभागीय अमला लगाया हुआ है। उधर, एक माह तक अन्य सभी अभियान पर काम कर दिया गया है।
नगर निगम को अतिक्रमण विरोधी या अन्य किसी भी कार्रवाई के दौरान मंत्रियों, ब्यूरोक्रेट, मोहल्ला प्रधानों या कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब निगम चुप बैठने वाला नहीं है।
निगम आयुक्त मंदीप कौर ने अधिकारियों से निचले स्तर पर इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि शहर की हरेक दुकान, फड़ी, रेहड़ी, डेयरी, पोल्ट्री, बैनर, कलेक्शन प्वाइंट, डंपिंग साइट, ढाबा, होटल, रेस्तरां आदि का खाका तैयार करें, जिसमें उक्त सभी की मूल सूचनाएं हो। ये कब से अस्तित्व आई है। अभी क्या है।
राजस्व के रूप में निगम को क्या दे रहे हैं क्या नहीं। अनुमति है या नहीं। दुकानों का दायरा कितना है, कितना नहीं। कहां - कहां से दूध, दही, पनीर, मिठाई आदि की सप्लाई होती है।
न वर्कशापों में और कैसे तैयार हो रही है, कौन निगम के खजाने में फीस जमा करवा रहा है कौन नहीं आदि सूचनाएं इक्ट्ठा की जा रही है। ताकि किसी भी कार्रवाई के समय लोगों की आपत्तियों का सामना न करना पड़े और शहर को साफ - सुथरा माहौल दिया जा सके।