मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा को सुरक्षित करते हुए भाजपा ने साफ सुथरी छवि के साथ प्रदेश व जम्मू शहर की चुनावी नैया पार करने की रणनीति बनाई है। आप भी खुश और मैं भी खुश की सियासत से भाजपा चुनाव के करीब किसी को नाराज भी नहीं करना चाहती हैं और चुनाव में मतदाताओं के बीच साफ सुथरी छवि के साथ भी उतरना चाहती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार नवंबर 2018 में मेयर बने चंद्र मोहन गुप्ता भाजपा के संगठन में कोषाध्यक्ष के तौर पर एक दशक से ज्यादा समय तक काम कर चुके हैं। ऐसे में भाजपा उन्हें नाराज करके विदाई देना नहीं चाहती है। हालांकि, चंद्र मोहन गुप्ता और पूर्णिमा शर्मा के खिलाफ काउंसलरों की बढ़ती नाराजगी और विरोधी लहर को थामने के लिए नए मेयर और डिप्टी मेयर के साथ भाजपा ने 2023 में होने वाले नगर निगम सहित विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला लिया है।
इसके अलावा विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा न मिले इसके लिए भाजपा मेयर और डिप्टी मेयर के मुद्दे को पार्टी का आंतरिक मामला बता रही है। उसने काउंसलरों को इस मुद्दे को ज्यादा हवा न देने की भी नसीहत दी है।
मेयर, डिप्टी मेयर को हटाने के ये रहे कारण
मेयर चंद्र मोहन गुप्ता और डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा नवंबर 2018 से पदों पर हैं। उनके कार्यकाल में नगर निगम में अनियमितताओं के चलते सीबीआई के छापों के कारण निगम के अलावा भाजपा पर भी सवाल उठ रहे थे। नगर निगम के तहत आवसीय क्षेत्रों के जमकर व्यवसायीकरण और मास्टर प्लान की जमकर धज्जियां उड़ने से भ्रष्टाचार के आरोप भी विपक्ष लगा रहा था। शहर में विकास को लेकर भी नगर निगम सवालों के घेरे में था।