जम्मू नगर निगम ने पिटबुल, रॉटवीलर और अमेरिकन बुली जैसी आक्रामक कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही पालतू कुत्तों का पंजीकरण, सार्वजनिक स्थानों पर मजल और पट्टा अनिवार्य किया गया है।
शहर में पालतू कुत्तों को लेकर जम्मू नगर निगम (जेएमसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। जेएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब डॉग लवर्स अपनी मर्जी से किसी भी नस्ल का कुत्ता नहीं पाल सकेंगे। विशेष रूप से उन विदेशी नस्लों को आक्रामक और खतरनाक नस्ल होने की वजह से प्रतिबंध की श्रेणी में रखा है।
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जेएमसी के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पिटबुल, रॉटवीलर और अमेरिकन बुली जैसी आक्रामक नस्ल को पालने पर पाबंदी है। किसी ने नियम तोड़ा तो सख्त कार्रवाई होगी। जेएमसी अधिकारियों ने साफ किया कि इन नस्लों के कारण हिंसक घटनाएं हो सकती है साथ ही मासूम बच्चों और बुजुर्गों के किसी भी समय खतरा बन सकते हैं।
नगर निगम एक दिन पहले ही सभी कुत्ता पालने वालों के लिए अपने पालतू जानवर का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया है। जेएमसी ने कहा कि हम पशु प्रेम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अब पालतू कुत्तों को सार्वजनिक पार्कों या सड़कों पर घुमाते समय मज़ल (मुंह पर जाली) लगाना और पट्टा बांधना अनिवार्य होगा। साथ ही कुत्ता अगर सार्वजनिक स्थान पर गंदगी करता है, तो उसकी सफाई की जिम्मेदारी भी मालिक की होगी, अन्यथा मौके पर निगम की टीम चालान काटने जैसी कार्रवाई करेगी।
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ब्रीडर लाइसेंस के बिना खुलीं दुकानें
भारत सरकार के नियमों के अनुसार नियम 2017 के अनुसार अगर किसी भी विक्रेता के पास स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड से पंजीकरण और लाइसेंस नहीं है तो वह कुत्तों की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं कर सकता है। अब जेएमसी के सख्त रवैऐ को देखकर जैन बाजार, गांधीनगर, त्रिकुटा नगर और रूपनगर सहित अन्य स्थानों पर इस तरह अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप है।
पालतू कुत्तों के 125 से अधिक ट्रेनर
कुत्तों की बिक्री के साथ-साथ डॉग ट्रेनिंग, ग्रूमिंग और वैक्सीनेशन की सुविधा भी मिलती है। जम्मू शहर में 125 से अधिक ट्रेनर हैं, जो पालतू कुत्तों के साथ कोठियाें में प्रतिबंधित पिटबुल, रॉटवीलर और अमेरिकन बुली जैसी आक्रामक प्रजातियों को मालिक के इशारे पर दुम हिलाने की ट्रेनिंग देने का काम कर रहें हैं।