मिश्रीवाला में कथा सुनती संगत। संवाद
मिश्रीवाला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से शिव कथा का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। कथा के श्रवण मात्र से मन के विकार मिट जाते हैं। मानव के मन में ईश्वरीय प्रकाश प्रकट होता है। कथा जीवात्मा को प्रभु से मिलने के लिए सेतु का कार्य करती है। इस पर चलकर ही भक्त प्रभु दर्शन का सौभाग्य पाते रहे हैं। यह ज्ञान श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी ब्रह्म निष्ठा भारती ने दिया।
मिश्रीवाला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से जारी शिव कथा के दूसरे दिन साध्वी ने बताया कि आज अज्ञानता के अंधकार में भटक रहे मानव समाज को अध्यात्म ज्ञान की परम आवश्यकता है। इसके बाद ही मानव दानवता की खाइयों से निकलकर देवत्व की परम ऊंचाइयों को छू सकेगा।
कथा की शुरुआत भगवान श्री गणपति की स्तुति से हुआ। साध्वी ब्रह्म निष्ठा भारती ने बताया कि भगवान शिव समस्त प्राणियों का विश्राम स्थान है। प्राणी भगवान शिव की शरण में आकर शांति का अनुभव करते हैं। शिव कथा की रसधार में डुबकी लगाकर ही मन शीतल आनंद की अनुभूति करता है।
कथा के दौरान साध्वी शरण भारती, हरि वंदना भारती, साध्वी संदीप भारती और आरती भारती ने भजन सुनाकर संगत को निहाल कर दिया।
मिश्रीवाला में कथा सुनती संगत। संवाद