लुधियाना की रहने वाली अनुराधा ने मामला दर्ज करवाया था। इसमें आरोप लगाया था कि अरनिया के रहने वाले राजेश ने नौकरी दिलाने के नाम पर उससे सात लाख रुपये लिए हैं।
डीआईजी नाम से फेसबुक अकाउंट बनाकर लुधियाना की युवती से नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी करने के मामले में आरोपी से वसूली राशि को पुलिस ने युवती को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी फर्जी कैप्टन बनकर वैष्णो देवी मंदिर जा चुका है और यहां पर बीआईपी दर्शन की मांग कर चुका है। तब पकड़ा भी गया था। आरोपी को सिंचाई विभाग ने दो साल पहले सस्पेंड किया था।
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बीते शुक्रवार को लुधियाना की रहने वाली अनुराधा ने मामला दर्ज करवाया था। इसमें आरोप लगाया था कि अरनिया के रहने वाले राजेश ने नौकरी दिलाने के नाम पर उससे सात लाख रुपये लिए हैं। यह भी बताया कि राजेश खुद को मध्यप्रदेश में डीआईजी के पद पर तैनात बताता था। गाैरतलब है कि आरोपी ने डीआईजी नाम से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाया था।
इसके माध्यम से युवती उसके संपर्क में आई। युवती ने पुलिस को बताया कि वह सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही है। बातचीत के दौरान राजेश ने नौकरी दिलाने और जरूरी टिप्स देने की बात कही। इसकी एवज में सात लाख रुपये की मांग की। इसके बाद वह उसके खाते में राशि डालती रही।