महिलाओं को मुफ्त बस सेवा खूब भा रही है। सात दिनों में कुल 3.50 लाख महिलाएं कर चुकी हैं। बस स्टाप में यात्रा के लिए खूब भीड़ उमड़ रही है। खास बात यह है कि महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आ रही है। इसी तरह शहर से वापस बसों में लौट रही हैं।
कालेजों, स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं भी लाभान्वित हो रही हैं। सबसे ज्यादा भीड़ सुबह आठ से दस, दोपहर और सायं चार से छह बजे के बीच उमड़ रही है। सेवा पहली अप्रैल से शुरू हुई थी। स्मार्ट सिटी के आंकड़ों के मुताबिक हर रोज औसतन 50 हजार महिलाएं अलग अलग तीस रूटों में चलने वाली 95 बसों में सफर कर रही है। बसों में यात्रा करने पर यात्रियों को गर्मी में एसी की सुविधा मिल रही है। ऐसे में गर्मी के मौसम में सफर करना सुविधाजनक हो रहा है। इस कारण भी ज्यादा यात्रा कर रही हैं।
28 लाख रुपये हो चुका घाटा
मुफ्त बस सेवा के बाद ई-बसों का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहली से लेकर सात तारीख तक घाटा 28 लाख रुपये हो चुका है। हर रोज औसतन 80 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। सेवा शुरू होने से पहले हर रोज बसों से कमाई का लक्ष्य 12 लाख रुपये का था। इस पर आठ लाख कमाई हो रही थी। अब मुफ्त यात्रा के कारण कमाई चार लाख रुपये ही रह गई है।
अभी तक 3.50 लाख से ज्यादा महिलाओं ने सफर किया है। ग्रामीण इलाकों से शहर तक पहुंचाना आसान हुआ है। छात्राएं भी लाभान्वित हो रही हैं।
-डाॅ. देवांश यादव, आयुक्त, स्मार्ट सिटी
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