एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से टले बड़े नुकसान
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने संकट की इस घड़ी में मोर्चा संभाला। रामबन, पुंछ, डोडा समेत कई जिलों में विशेष टीमें तैनात की गईं। समय रहते चेतावनी जारी की गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
इसके चलते कई संभावित जान-माल के नुकसान को टालने में सफलता मिली। केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 मई को केरल पहुंच गया, जो सामान्य तिथि से आठ दिन पहले था। मानसून की यह तेजी कई राज्यों में असामान्य रूप से तेज बारिश और बाढ़ की वजह बनी।
केंद्र ने जारी की राहत राशि, पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य कीगृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक जम्मू-कश्मीर सहित 22 राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) के तहत कुल 9,578.40 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
यह राशि केवल तात्कालिक राहत के लिए होती है, जबकि पुनर्वास और मुआवजे की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के किसानों को करीब 2.70 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है। हालांकि, अभी भी कई किसानों के बीमा दावे प्रक्रिया में हैं या तकनीकी कारणों से अटके हुए हैं। कृषि विभाग इन मामलों की निगरानी कर रहा है।