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J&K: सज्जाद लोन बोले, महबूबा के पास बहुमत है तो जाएं कोर्ट, मुझे मौका मिलता तो साबित करता बहुमत

Fri, 23 Nov 2018 08:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
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सज्जाद लोन - फोटो : फाइल
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के पास अगर पर्याप्स संख्या बल है तो उन्हें विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ अदालत जाना चाहिए।  मुझे मौका मिलता तो मैं विधानसभा के फ्लोर पर बहुमत साबित कर देता। यह बात शुक्रवार को पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कही। 
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पीडीपी छोड़कर लोन का दामन थामने वाले इमरान अंसारी के साथ संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा,पीडीपी,नेकां और कांग्रेस का गठबंधन दरअसल उन्हें सत्ता में आने से रोकने के लिए था। पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर को अपनी जागीर समझ रखा है और वे कभी किसी अन्य संगठन को उभरने नहीं देंगे। 

 पीडीपी तोड़ने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को तोड़ना और नेताओं का इधर-उधर होना अलग-अलग बाते हैं। अगर किसी जनप्रतिनिधि से उसके दल में अच्छा व्यवहार नहीं होता है और वह उनके पास आते हैं वह मना नहीं कर सकते। राज्यपाल के फैसले पर लोन ने कहा, हो सकता है मैं गवर्नर के फैसले से सहमत न हूं, परंतु यह हमें स्वीकार है। 
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महबूबा ने गरिमा का ध्यान नहीं रखा
लोन ने महबूबा द्वारा राज्यपाल को भेजी गई चिट्ठी की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया, ऐसा लगता था जैसे दोस्त एक दूसरे को चिट्ठी भेज रहे हैं।  
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भाजपा के साथ जाना गुनाह है तो सबसे पहले यह उमर ने किया

भाजपा के साथ हाथ मिलाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह भाजपा से आने वाले समय में अपने राज्य हितों के तहत मिलाने को तैयार हैं। पीपुल्स पार्टी क्षेत्रीय पार्टी है और वह किसी भी दल से हाथ मिलाने से पहले इस बात पर गंभीरता से विचार करेगी कि क्षेत्रीय हित आहत न हों। कहा, भाजपा से हाथ मिलाने का गुनाह उनसे हुआ है तो उमर अब्दुल्ला ने भी यह अपराध किया है। एनडीए की सरकार में वह पोस्टर ब्वाय थे। जबकि महबूबा मुफ्ती तीन साल तक उनके साथ सरकार भी चला चुकी हैं।
 
पहचान खत्म होने का संकट
लोन ने कहा, रियासत को विशेष अधिकार दिलाने वाले अनुछेद 35 ए और 370 के नाम चुनाव बहिष्कार करने वाली पार्टियां ही इस में कई बार संशोधन के लिए जिम्मेदार हैं। राज्य की जिस पहचान को संभालने का वह दम भर रहे हैं वह इन दलों के हाथ में खत्म होने की कगार पर हैं। 
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