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जम्मू-कश्मीर: धुंध के कारण वैष्णो देवी हेलिकॉप्टर सेवा ठप, सावन के पहले सोमवार को 16500 भक्त पहुंचे  भवन

Tue, 18 Jul 2023 12:01 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

सावन महीने की सोमवती अमावस्या को लोगों ने परिवार की सुख समृद्धि के लिए पूजन कर जरूरतमंदों को दान दिया। देविका नदी के तट पर भी सैकड़ों महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजन किया। वैष्णो देवी में हजारों भक्त पहुंचे। 
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धुंध में लिपटा वैष्णो देवी दरबार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सावन माह में बारिश के चलते मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ों मे धुंध के कारण कटड़ा से सांझी छत्त के लिए हेलिकॉप्टर सेवा पिछले 15- 20 दिनों से प्रभावित चल रही है। हालांकि अर्द्धकुंवारी से भवन के लिए बैटरी कार सेवा व भवन से भैरो घाटी के लिए रोपवे सेवा लगातार मिल रही है।

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वैष्णो देवी यात्रा - फोटो : संवाद

सोमवार शाम छह बजे तक 16 हजार 500 श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को वीकेंड पर 24075 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। उधर, सोमवती अमावस्या पर कटड़ा शिवमय हो गया। देर रात्रि तक सभी प्रमुख मंदिरों में पूजा अर्चना हुई।

मौसम साफ होने के बाद वैष्णो देवी पहुंचे भक्त - फोटो : संवाद
बाण गंगा मार्ग पर बने शिव दर्शन मंदिर सहित रघुनाथ मंदिर, टी गार्डन मंदिर, भूमिका मंदिर, गांव लेहनु स्थित आप शंभू मंदिर में तड़के से ही पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सोमवती अमावस्या पर देर रात्रि तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दूध, घी, शहद, गंगाजल आदि के साथ जलाभिषेक किया। इस मौके पर भंडारों का आयोजन किया गया। वहीं, प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां वैष्णो देवी भवन पर पवित्र शिव गुफा में दर्शन के लिए रात्रि तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

वैष्णो देवी का नजारा - फोटो : संवाद

शिवखोड़ी धाम में 10 से 17 जुलाई तक एक लाख भक्त पहुंचे

रियासी, पौनी। दस जुलाई से शुरू हुए सावन महीने के पहले सोमवार से 17 जुलाई को दूसरे सोमवार तक शिवखोड़ी धाम में लगभग एक लाख दस हजार भक्तों ने माथा टेका। दस जुलाई पहले सोमवार को शिवखोड़ी में कुल 27421 श्रद्धालु पहुंचे, वहीं दूसरे दिन मंगलवार 11 जुलाई को 34052 रिकार्ड भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। बुधवार 12 जुलाई को 17426, वीरवार 13 जुलाई को 5031, शुक्रवार 14 जुलाई को 4444, शनिवार 15 जुलाई को 6817, रविवार 16 जुलाई को 6746 तथा सोमवार 17 जुलाई को 7834 श्रद्धालुओं ने शिवखोड़ी धाम में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। 

उधमपुर स्थित देविका मंदिर में पहुंचे भक्त - फोटो : संवाद

उधमपुर स्थित  देविका में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सावन महीने की सोमवती अमावस्या पर सोमवार को उधमपुर जिले के लोगों ने परिवार की सुख समृद्धि के लिए पूजन कर जरूरतमंदों को दान दिया। देविका नदी के तट पर भी सैकड़ों महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजन किया। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है। सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालु आना शुरू हो गए थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं।

उधमपुर के आप शंभू मंदिर में जल चढ़ाते लोग - फोटो : संवाद
उन्होंने पवित्र बावलियों में स्नान किया और वट वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। रजनी शर्मा, बिमला देवी व अन्य महिलाओं ने बताया कि इस दिन का महत्व दान पुण्य से है। दान करने पर घर में किसी चीज की कमी नहीं रहती। भगवान की कृपा से सारे सुख प्राप्त होते हैं। इस दिन महिलाओं को वट की 108 परिक्रमा करनी होती है। इसके बाद ही पूजा सफल होती है। वहीं, पंडित सुदर्शन कुमार शास्त्री ने बताया कि सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अथवा सोमवारी अमावस्या कहते हैं।
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शिव खोड़ी में पूजा करते भक्त - फोटो : संवाद
कहा जाता है कि महाभारत में भीष्म ने युधिष्ठिर को इस दिन का महत्व समझाते हुए कहा था कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वास्थ्य और सभी दुखों से मुक्त होगा। वहीं मौके पर मौजूद संतोष कुमारी ने कहा कि हम देविका आने वाले लोगों से अपील करते हैं कि जो भी देविका में पूजन करने आए, वह देविका की सफाई का विशेष तौर पर ख्याल रखे। देविका में पालिथीन का इस्तेमाल न करें।
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