जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रामबन के मेहाड़, कैफेटेरिया मोड़, पंथयाल और धलवार में कई बार पत्थर गिरने और कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही को बंद करना पड़ा।
इसी कारण उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में रोके गए सैकड़ों ट्रकों को पुलिस ने लगातार चौथे दिन घाटी जाने की अनुमति नहीं दी। हालांकि सुबह के समय सब्जी, फल, गैस सिलिंडर व अन्य जरूरत का सामान ले जा रहे ट्रकों को घाटी की तरफ रवाना किया गया।
गौरतलब है कि शनिवार को 43 घंटे के बाद राजमार्ग को खोलने में कायमाबी मिली थी और पुलिस ने उधमपुर व रामबन में फंसे यात्री वाहनों को चलने की अनुमति दी थी। फिर रविवार को सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर पत्थर गिरना शुरू हो गए लेकिन ज्वाहनों की आवाजाही चलती रही।
जब पत्थर गिरते तो पुलिस वाहनों की आवाजाही को कुछ समय के लिए बंद कर देती और फिर पत्थरों को हटा कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाती। इसी कारण राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और इससे यात्रियों और चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने उधमपुर के जखैनी, बट्टलबालियां, रठियान, गरनई, मांड, बट्टल, मजालता व अन्य कई स्थानों पर सैकड़ों ट्रकों को रोक कर रखा है। सुबह के समय फल, सब्जी व अन्य जरूरत का सामान ले जा रहे ट्रकों को घाटी की तरफ तरफ रवाना किया गया, लेकिन बाकी ट्रकों को घाटी जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इसके कारण चालक व क्लीनर दिन भर परेशान रहे। बट्टल में रोके गए ट्रकों के चालक मोहमद अशरफ, सलीम, शाहिद व अन्य ने बताया कि उनके पास मौजूद राशन भी अब खत्म होने की कगार पर पहुंचने लगा है।
रोके गए स्थानों पर उनको दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण वे सबसे अधिक परेशान हैं। पुलिस की तरफ से आगे जाने की अनुमति नहीं दिए जाने का कोई उचित कारण भी नहीं बताया जा रहा है।