अब तीनों को अस्पताल में विशेष इलाज दिया जा रहा है। इसमें एक छात्र के शरीर में प्लेटलेट्स की कमी बताई जा रही है। जीएमसी प्रशासन की ओर से ब्वायज हॉस्टलों में रह रहे मेडिकल छात्रों को डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत जांच के साथ उचित इलाज लेने को कहा गया है। मेडिकल छात्रों के डेंगू की चपेट में आने से ब्वायज हॉस्टलों में मच्छरों को लेकर व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कुछ माह पहले दूषित पानी सहित अन्य समस्याओं को लेकर यूजी विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले जीएमसी कठुआ के पहले बैच के एक एमबीबीएस छात्र की भी दिमागी बुखार से मौत हो गई थी। उसे उचित इलाज के लिए डीएमसी लुधियाना रेफर किया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
तीनों छात्रों की हालत स्थिर-प्रिंसिपल
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने कहा कि डेंगू से पॉजिटिव हुए तीनों मेडिकल छात्रों की हालत ठीक है। उन्हें अस्पताल में अलग-अलग यूनिटों में विशेष इलाज दिया जा रहा है। इनमें आशंका है कि जो एमबीबीएस छात्र दूसरे जिलों के हैं वे वहीं पर पॉजिटिव हुए हैं। अलबत्ता ब्वायज हास्टल में मच्छरों से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।