एफएसी द्वारा 663 हेक्टेयर वन भूमि को शामिल करने वाले कुल 198 वन भूमि डायवर्जन के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। वन भूमि की मंजूरी न मिलने के कारण इन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति मिलेगी।
इससे जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेयजल, सड़क और मोबाइल संपर्क, बिजली आदि में बड़ी संख्या में लाभ मिलेगा। एसएसी ने पीडब्ल्यू (आरएंडबी) विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़क परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने श्रीनगर में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रदर्शन, कैपेक्स बजट 2019-20, कैम्पा फंडिंग, ग्रीन इंडिया मिशन, सतत विकास लक्ष्यों पर कार्रवाई, विभाग की एजी की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट की प्रतिक्रिया और चालू वित्त वर्ष के दौरान पूरा करने के लिए लक्षित 160 कार्यों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया।
इसमें विभिन्न लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा तय की गई। आयुक्त सचिव ने कहा कि पीसीसीएफ और मुख्य वन्यजीव संरक्षण समय-समय पर मंजूरी और वित्त पोषण के लिए ग्रीन इंडिया मिशन सहित विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्रस्तावों का सख्ती से पालन करें।