अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुंछ परवेज इकबाल ने नाबालिग से बलात्कार और अपहरण के तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। 2013 में पुलिस स्टेशन सुरनकोट में दर्ज मामला हुआ था।
सुबूतों के अभाव में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुंछ परवेज इकबाल ने गुंथल सुरनकोट की नाबालिग लड़की से बलात्कार और अपहरण के तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। 2013 में पुलिस स्टेशन सुरनकोट में दर्ज मामला हुआ था।
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जांच चरण में ही यह मामला विवादों में घिर गया था। जांच प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों पर इस पर संदेह जताया था। धारा 114ए साक्ष्य अधिनियम के तहत बचाव पक्ष ने आरोपों का खंडन किया है।
यह भी साबित किया है कि अभियोजिका और जुल्फिकार अहमद के बीच संबंध थे, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हुई थी। अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे यह साबित करने में विफल रहा है। अपहरण भी साबित नहीं हुआ है।
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अभियोजन पक्ष द्वारा लगाया गया सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, जिसका अभियोजन पक्ष द्वारा भी समर्थन नहीं किया गया है, सत्य पर आधारित नहीं पाया गया है और संभवतः पीड़िता के परिवार के खिलाफ स्वेच्छा से नवजात शिशु की मौत के आरोप की प्रतिक्रिया के साथ-साथ ठगने की चाल सामने आई।
पहले पंचायत स्तर पर अभियुक्त जुल्फिकार अहमद से पीड़िता के परिवार को 3 लाख रुपये मिले। तमाम दलीलों को सुनने के बाद आरोपियों को मामले से बरी कर दिया गया।