पुंछ जिले के भाटादूड़ियां इलाके में सैन्य वाहन पर आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए। आतंकियों के हमले से वाहन में आग लग गई। जवान आग में झुलस गए। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसे एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए सैन्य अस्पताल भेजा गया है। शहीद होने वालों में चार जवान पंजाब तथा एक ओडिशा के हैं। हमलावरों की संख्या चार से पांच बताई जा रही है।
वीरवार की घटना में आतंकियों और ओजीडब्ल्यू की ओर से स्टिकी बम अथवा किसी अन्य केमिकल का प्रयोग होने की आशंका जताई जा रही है। जिस प्रकार सैन्य वाहन में आग लगी और एक भी जवान को जान बचा कर बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया, उसमें केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि हमले में सिपाही हरकिशन सिंह, लांस नायक कुलवंत सिंह, हवलदार मंदीप सिंह व सिपाही सेवक सिंह (सभी पंजाब) व ओडिशा के लांस नायक देबाशीष बिस्वाल शहीद हुए हैं। सिपाही शक्तिवेल के को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले आसमान में जोरदार बिजली कड़कने की आवाज सुनी और उसके उपरांत एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी। कुछ ही क्षणों में इस बात का शोर सुना कि सेना के वाहन में आग लग गई है।
जहां यह घटना हुई, उसी क्षेत्र में 14 अक्तूबर, 2021 को तलाशी अभियान चला रहे एक जेसीओ सहित चार जवानों पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें चारो शहीद हो गए थे। इसके बाद करीब एक माह तक क्षेत्र में सुरक्षाबलों का अभियान चला था, लेकिन एक भी आतंकी हाथ नहीं लगा था। तब एक महीने तक पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर जड़ांवाली गली व भिंबर गली के बीच यातायात बंद रखा गया था।
आतंकी हमले में पांच जवानों के शहीद होने पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि बहादुर सैन्य कर्मियों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान पांच जवानों के शहीद होने की सूचना दुखद है। वह इस जघन्य हमले की निंदा करते हैं। शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। दिवंगतों की आत्मा को शांति मिले।
जम्मू कश्मीर के पुंछ में वीरवार को आतंकी हमले के बाद वाहन में आग लगने से पांच जवान शहीद हो गए। घटना में एक जवान गंभीर रूप से झुलस गया। उसे उपचार के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया है। सेना ने बयान में कहा है कि शहीद आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार राष्ट्रीय राइफल्स की एक इकाई में शामिल थे।
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस घटना की विस्तृत जानकारी दी है। इलाके में आतंकियों को खोजने के लिए अभियान चलाया गया है। इसके साथ ही ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है। पूरे इलाके में चेकिंग की जा रही है। सेना के मुताबिक जिस वाहन में जवान सवार थे उस पर आतंकवादियों ने अचानक फायरिंग कर दी।