आतंकियों ने वहां पहुंचते ही अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसमें तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आतंकी जिस गाड़ी में आए थे उसी में अच्छाबल इलाके की ओर भाग निकले। इलाके के तिलवनी गांव से उस गाड़ी को बरामद कर लिया गया है। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए हैं।
आईजीपी ने बताया कि इस घटना के पीछे लश्कर का हाथ है। घटना में डोरू का निसार अहमद खांडे व खुडवानी का अब्बास शेख शामिल था। अब्बास पहले हिजबुल में था, लेकिन आजकल लश्कर के साथ है। वह अपने आपको टीआरएफ का आतंकी भी बताता है। एक पाकिस्तानी आतंकी भी हमले में शामिल था। जल्द इन आतंकियों को मार गिराया जाएगा।
हमला पहले से प्लान था
उन्होंने बताया कि फि दा हुसैन घर से इतनी दूर आकर क्या कर रहे थे यह जांच किया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किसी का इंतजार कर रहे थे या कोई और वजह थी। हमला पहले से ही प्लान किया गया था।
आठ स्थानों पर सर्च ऑपरेशन
आईजी के अनुसार हमले के बाद से दक्षिणी कश्मीर में करीब 8 जगहों पर सर्च ऑपरेशन जारी है। उम्मीद है कि बहुत जल्द इस ग्रुप के आतंकियों को आर गिराया जाएगा। बता दें कि वीरवार देर शाम आतंकियों ने काजीगुंड के वाईके पोरा में भाजपा के युवा मोर्चा के महासचिव फि दा हुसैन इतू और उनके दो अन्य साथी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।