कश्मीर के बाद आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले की अब फिजा बदल रही है। आतंकवाद का गढ़ रहे इस जिले में अब अमन के साथ ही विकास की बयार बहने लगी है। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद किश्तवाड़ में बड़ा बदलाव दिखने लगा है। एक साल के भीतर बिजली प्रोजेक्टों समेत यहां कई विकास परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है। पिछले एक साल में यहां कोई बड़ी आतंकी वारदात नहीं हुई है। गोलियों-धमाकों की आवाज से कभी दहशत के साये में जीने को मजबूर लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं। आतंकी वारदातों के चलते गांव से पलायन करने वाले लोग भी वापसी की राह देख रहे हैं।
कश्मीर के अनंतनाग, हिमाचल और लद्दाख से जुड़े किश्तवाड़ में अब वर्षों से लटकी बिजली परियोजनाएं धरातल पर उतरने लगी हैं। जिले में पक्कल डूल, क्वाड़ और कीरू प्रोजेक्टों का काम शुरू हो चुका है। निजाम बदलने के बाद चिनाब नदी पर प्रस्तावित 850 मेगावाट की रैटले पन बिजली परियोजना का रास्ता भी साफ हो गया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल प्रदेश की आर्थिक सेहत सुधरेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
कोरोना महामारी के चलते बेशक विकास कार्य थम गए थे, लेकिन एक साल के दौरान किश्तवाड़ की तस्वीर बदलती दिख रही है। पाडर इलाके में मचेल मंदिर के लिए सड़क का काम जोरों से चल रहा है। बटोत-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे की हालत भी सुधर गई है। पॉलिटेक्निक कॉलेज, डिग्री कॉलेज, यूनिवर्सिटी कैंपस और अस्पताल की इमारतों का कार्य भी शुरू हो गया है।
पहले आतंकी घटनाओं से सहमे रहते थे। मगर अब ऐसा नहीं है। लोग विकास और रोजगार चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से विकास की उम्मीद जगी है। खुशी है कि रैटले पावर प्रोजेक्ट का जल्दी काम शुरू होगा। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा।
-मुदस्सर अहमद, सरूड़
हमें शांति चाहिए। परियोजनाएं आने से रोजगार के साथ द्रवशाला में कारोबार भी बढ़ेगा। अब उस घुटन से आजादी मिली है। क्षेत्र में विकास की दरकार है। एक साल से कई प्रोजेक्टों पर काम शुरू हुआ है। लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
-सुनील कुमार, द्रवशाला
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से इलाके में विकास के काम आरंभ हुए हैं। दूरदराज के गांवों में पेयजल पहुंचाने के लिए जलशक्ति विभाग के काम में भी तेजी आई है। कुछ सड़कों का निर्माण शुरू हुआ है।
-मोहम्मद सलीम, सरूड़
रैटले प्रोजेक्ट पर कुछ वर्ष पहले काम आरंभ हुआ था मगर राजनीतिक कारणों के बंद हो गया था। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद फिर काम शुरू करने की घोषणा के बाद लोगों में खुशी है। इससे लोगों को रोजागार के अवसर मिलेंगे।
-अनूप कुमार, द्रवशाला
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लोग भय के माहौल से उबरने लगे हैं। नई उम्मीद जगी है। अब लोग अमन के साथ जीना चाहते हैं। खुशी है कि भ्रष्टाचार कम हुआ है और विकास में तेजी आ रही है।
-रोशन गुप्ता, सरूड़
बैक टू विलेज कार्यक्रम से आम लोगों की कुछ समस्याएं हल हो रही हैं। किश्तवाड़ में टटानी-विमल नाग सड़क का निर्माण कर तारकोल बिछाई जा रही है। जिला आतंकवाद से करीब-करीब मुक्त हो गया है।
-जगदीश राज, सेलाना