तकरीबन तीन करोड़ की गाड़ियां, डेढ़ करोड़ रुपये के गहने, तीन करोड़ से अधिक के घर समेत करोड़ों की संपत्ति। यह सब किसी साहूकार के पास नहीं, बल्कि एक इंचार्ज तहसील सप्लाई अफसर इसका मालिक है। उसकी तनख्वाह 30 से 40 हजार रुपये प्रति माह है।
सतवारी के इंचार्ज टीएसओ प्रणव गंडोत्रा की इस बेनामी संपत्ति पर राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई शुरू कर दी है। वह केरोसिन ऑयल डिपो का इंस्पेक्टर भी है। बेनामी संपत्ति के मामले में उस पर औपचारिक केस दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस भी गंडोत्रा के खिलाफ मामले की जांच कर रही है। आरोपी के कार्यालय और घर पर मारे गए छापे में करोड़ों रुपये की संपत्ति सामने आई है।
18 जुलाई 2018 को गंडोत्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। राजोरी में इंचार्ज टीएसओ रहते हुए फंड में हेरफेर करने का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद छापेमारी की गई। लाखों रुपये के सामान गंडोत्रा के घर में मिले हैं। छन्नी में लाखों का घर, यहीं पर फ्लैट नंबर 1203 ब्लाक ए, फ्लैट नंबर 1204 ब्लाक ए की कीमत लाखों रुपये में है। सिद्दड़ा में एक दुकान जो 2017 में ली गई और हर महीने इसका पांच हजार रुपये किराया मिलता है।
कनाल रोड स्थित पाल्म आईलैंड में एक रेस्तरां, आई 10, इनोवा क्रीस्टा, टोयोटो फार्चुनर, छेवरेलेट क्रूज, महिंद्रा एक्सयूवी, मर्सडीज बेंज, हुंडई वेरना, सोने और हीरे के गहने चार किलो 361.49 ग्राम, चांदी के बर्तन 11 किलो 389 ग्राम, 41 लाख रुपये की बीमा योजनाएं आदि गंडोत्रा के ठिकानों पर छापेमारी पर मिली हैं। इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने पीडब्ल्यूडी विभाग के एक बड़े अधिकारी के पीए के खिलाफ रिश्वत लेने का केस दर्ज किया था और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।