भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि नेकां और पीडीपी को आगामी विधानसभा चुनाव पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वे चुनाव लड़ेंगे या निकाय चुनाव की तरह बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन को लागू रखा जाएगा। दिसंबर मध्य के बाद राज्यपाल शासन पर विचार किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार के गठन की सियासी अटकलों पर विराम लगाते हुए राम माधव ने राज्यपाल शासन की तारीफ की है। उन्होंने विधानसभा चुनाव की मांग कर रहे विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीपी और नेकां ने राज्य में 35ए के विषय पर चुनाव बहिष्कार की बात कही है और दूसरी ओर वे विधानसभा चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में मैं इन दलों से पूछना चाहता हूं कि अगर हाल के वक्त में चुनाव होते हैं तो क्या पंचायत चुनाव से बाहर रहने वाले यह दोनों दल उसमें हिस्सा लेंगे।
राज्य में राज्यपाल शासन लगने के बाद से हर क्षेत्र में विकास देखने को मिल रहा है, ऐसे में पार्टी राज्यपाल शासन की अवधि को और कुछ वक्त बढ़ाए जाने के पक्ष में है। मुझे खुशी है कि भाजपा ने राज्यपाल शासन को लागू रखने का फैसला किया है।
निकाय चुनाव के नतीजे सबके सामने हैं। उन्होंने दोनों दलों को लताड़ते हुए कहा कि लद्दाख आटोनामस हिल डेवलपमेंट काउंसिल चुनाव, कारगिल में शामिल होने के बाद निकाय चुनाव का बहिष्कार करके लोकतांत्रिक व्यवस्था में रुकावट डालने की कोशिश की गई है।