हत्या के बाद से ही सुदर्शन पर टीएस वजीर के बेटे ने शक जाहिर कर दिया था। हालांकि सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन वजीर के बेटे करण ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि सुदर्शन मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
पूर्व एमएलसी टीएस वजीर की हत्या में तीन लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। तीनों जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से संबंध रखते थे। इनमें से सुदर्शन वजीर सिख युनाइटेड फ्रंट के चेयरमैन हैं। सुदर्शन पर हत्या के वक्त ही टीएस वजीर के बेटे ने शक जाहिर कर दिया था। हालांकि सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन वजीर के बेटे करण ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि सुदर्शन वजीर इस मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
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दरअसल, सितंबर 2021 में गृहमंत्री अमित शाह जम्मू आए थे। वह डिग्याना के गुरुद्वारा पहुंचे। तमाम सिख संगठनों ने वजीर के परिवार की अमित शाह से मुलाकात कराने की बात कही। लेकिन बाद में मुलाकात नहीं हुई। करण वजीर ने इसके बाद पत्रकार वार्ता की। सुदर्शन वजीर पर आरोप लगाया कि अमित शाह की उनके परिवार की मुलाकात होनी तय थी। लेकिन सुदर्शन वजीर ने यह मुलाकात नहीं होने दी।
हरप्रीत सिंह के साथ मिलकर रची थी साजिश
जानकारी के अनुसार सुदर्शन वजीर, जगपाल सिंह और एस एस रैना सिख संस्थाओं से जुड़े हैं, क्योंकि टीएस वजीर का सिख संस्थाओं और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में बड़ा वर्चस्व रहा है। इसकी वजह से तीनों आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इस वजह से इन लोगों ने हरप्रीत सिंह उर्फ अमित रैना के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
नागर की हत्या कराने की साजिश में भी हाथ होने का शक
वजीर हत्याकांड का मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह है, जो जम्मू के कारोबारी राकेश अग्रवाल के घर डकैती करने का मुख्य आरोपी है। हरप्रीत को जम्मू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में इसे दिल्ली क्राइम ब्रांच ले गई। अब दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने इससे पूछताछ की तो पता चला कि वजीर की हत्या की साजिश सुदर्शन वजीर, जगपाल और रैना ने रची। अब यह भी सामने आ रहा है कि हरप्रीत सिंह की नागर सिंह को मारने की साजिश में भी इनका हाथ होने का शक है।