भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को निकाय और पंचायत चुनाव में पूरे दमखम से उतरने का संकल्प लिया गया। चुनाव टालने के लिए दबाव की राजनीति कर रही नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की निंदा करते हुए उन पर अनुच्छेद 35ए को बहाना बनाकर चुनाव में अपनी निश्चित हार से भागने का आरोप लगाया गया।
अखनूर के कृष्णा रिजार्ट मे प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना, केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह मन्हास, पूर्व उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता, पूर्व मंत्री सत शर्मा, महासचिव संगठन अशोक कौल आदि की मौजूदगी में यह बैठक हुई। प्रदेशाध्यक्ष ने अपने अध्यक्षीय भाषण में निकाय और पंचायत चुनाव की राज्यपाल शासन की तरफ से की गई घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम आदमी के हाथ में ताकत आएगी।
उन्होंने कहा कि भारत माता और तिरंगे के लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कश्मीर से लेकर देश के अन्य हिस्सों में शहादत दी है और भाजपा विकास की नीति पर चलकर हर किसी का विकास चाहती है। मोदी सरकार ने आतंकवादियों और उनसे सहानुभूति रखने वालों को करारा झटका दिया है।
जुगल, कवींद्र और मन्हास ने कार्यकारिणी के सदस्यों से निकाय और पंचायत चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता से काम करने पर जोर दिया। सत शर्मा ने भी कहा कि निकाय चुनाव में हर वोट कीमती साबित होगा इसके लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। इससे पूर्व भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और देश के लिए उनके योगदान को भी याद किया गया।
प्रस्ताव नहीं हो पाए पारित
कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन संशोधन के लिए प्रस्ताव पारित नहीं हो पाए। इनमें से एक प्रस्ताव में जम्मू में अवैध रूप से बसे रोहिंग्या व बांग्लादेशियों को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एक सीमित स्थान पर पूरी निगरानी में रखने पर जोर दिया गया और अनुच्छेद 35ए को बहाना बनाकर नेकां व पीडीपी के चुनाव बहिष्कार करने की कड़ी निंदा करते हुए कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट का अनुच्छेद 35ए पर आने वाला फैसला सबको सर्व मान्य होना चाहिए।