सीबीआई केस दर्ज होने के बाद भी जम्मू-कश्मीर से गन लाइसेंस जारी किए जाने का गोरखधंधा जोरों से जारी है। सूत्रों के अनुसार गांदरबल से पिछले कुछ दिनों से गन फैक्ट्री मालिकों और डीलरों की मिलीभगत से करीब चार हजार लाइसेंस जारी किए गए। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने राज्य सरकार के गृह विभाग की सिफारिश पर दो मामले दर्ज किए हैं। डीएसपी पवन शुक्ला को जांच का जिम्मा सौंपने के बाद भी सीबीआई ने कोई अगली कार्रवाई नहीं की।
फिलहाल, किसी भी टीम ने विजिलेंस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर का मुआयना नहीं किया। सूत्रों अनुसार एक केंद्रीय मंत्री की सिफारिश के कारण सीबीआई ने जांच रोकी है और किसी भी टीम को जम्मू कश्मीर में नहीं भेजा है।
जम्मू कश्मीर से फर्जी गन लाइसेंस के मामले में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और नई दिल्ली पुलिस मामले दर्ज कर चुकी है। कई लाइसेंस भी जब्त किए गए और कई गन डीलरोें फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ केस भी दर्ज हुए।
एक दशक में 4.29 लाख लाइसेंस जारी
मामले के अनुसार जम्मू कश्मीर से ही पिछले एक दशक से 4.29 लाख लाइसेंस जारी किए। उधमपुर, जम्मू, राजोरी, शोपियां, बांदीपोरा, कुपवाड़ा जिले से सबसे अधिक लाइसेंस जारी किए गए। अधिकतर लाइसेंस फर्जी निकले और राज्य के गृह विभाग को इसकी सूचना दी गई। गृह विभाग के आदेशों के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने मामला विजिलेंस को सौंप दिया था। विजिलेंस ने तीन मामले दर्ज किए। इसके बाद उधमपुर, शोपियां, जम्मू, बारामुला सेे रिकार्ड सीज कर दिया गया।