फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: मां की हत्या के जुर्म में बेटे को सजा-ए-मौत, दराती से वार करने के बाद कुल्हाड़ी से काटा था सिर

Sun, 16 Apr 2023 06:11 PM IST
विमल शर्मा जेएनएफ, उधमपुर

सार

कोर्ट ने कहा कि बुढ़ापा किसी भी बेटे के लिए खतरा नहीं है। माताएं हमेशा बच्चों से जीवन के अंत में प्यार और देखभाल की चाह रखती हैं। दोषी ने भरोसे को तोड़ा है। यह सबसे जघन्य अपराध है। यह अपराध क्रूर तरीके से किया गया है।
विज्ञापन
अदालत का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधान सत्र न्यायाधीश उधमपुर हक नवाज जरगर ने शनिवार को मां की हत्या के दोषी बेटे को मौत की सजा सुनाई। मामला उधमपुर जिले की रामनगर तहसील के रसैं गांव का है। दोषी जीत सिंह ने मां पर दराती से वार करने के बाद सिर कुल्हाड़ी से काट दिया था।

विज्ञापन


वारदात को उसने प्लान के तहत पूरे होश में अंजाम दिया था। दोषी मृतका से दो कनाल जमीन मांगने के अलावा दूसरे पुत्र मुलख राज के साथ रहने के लिए कह रहा था। यह मामला सात दिसंबर 2014 का है। कोर्ट ने कहा कि बुढ़ापा किसी भी बेटे के लिए खतरा नहीं है।

माताएं हमेशा बच्चों से जीवन के अंत में प्यार और देखभाल की चाह रखती हैं। दोषी ने भरोसे को तोड़ा है। यह सबसे जघन्य अपराध है। यह अपराध क्रूर तरीके से किया गया है। अदालत ने कहा कि मृतका असहाय विधवा थी। घटना के समय वह निहत्थी थी। कोर्ट ने कहा कि वारदात निश्चित रूप से मानवता के अस्तित्व पर चोट करता है।
विज्ञापन


यह भी कहा कि मां को बच्चों को जन्म देने की शक्ति के लिए भगवान से कम नहीं माना जाता है। मां बच्चों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाती है। वह बच्चे के लिए पहली शिक्षक होती हैं। इस तरह के अपराध आक्रोश पैदा करने के साथ उस समाज की चेतना को झकझोरते हैं, जहां माताओं को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।

कोर्ट ने कहा कि दोषी की उम्र 45 वर्ष है। उसका एक आपराधिक इतिहास है, जिसे क्रमश: धारा 326, 341 आरपीसी के तहत अपराध करने के लिए दो साल और 6 महीने की सजा दी गई है। इसका मतलब यह है कि दोषी पहली बार अपराधी नहीं है।

ऊपर की गई चर्चा और मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर दोषी जीत सिंह को 10 साल के कठोर कारावास, धारा 307 आरपीसी के तहत अपराध करने के लिए 3000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर एक महीने के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 302 आरपीसी के तहत अपराध के लिए मौत की सजा दी जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें