केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही लद्दाख को एक राज्य में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सरकार के इस फैसले को चुनौती देने के लिए कई याचिकाएं दाखिल कई गईं।
सु्प्रीम कोर्ट फिलहाल इन याचिकाओं की सुनवाई कर रही है और अगले साल की शुरुआत में इन मामलों को सात जजों की एक बेंच को भेजा जा सकता है। इन याचिकाओं में आवाजाही पर प्रतिबंध, इंटरनेट पर पाबंदी और प्रेस स्वतंत्रता एवं जम्मू-कश्मीर में संचार सुविधाओं पर रोक जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक, उसने ये सभी कदम इस क्षेत्र के विकास और विवादित मुद्दे को सुलझाने की नीयत से उठाए हैं। कश्मीर, भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से अब तक आपसी शत्रुता के केंद्र में रहा है।