एलओसी से घुसपैठ कर नौशेरा के दब्बड़ क्षेत्र में पहुंचे तीन आतंकियों का ग्रुप सेना के ठिकाने व मुगल रोड के बारे में जानकारी जुटाना चाहता था। सोमवार की रात को करीब आठ बजे तीनों आतंकी नियंत्रण रेखा से चार किलोमीटर दूर इस गांव में सेना की वर्दी में घूम रहे थे। इस बीच उनकी मुलाकात गुलाम हुसैन नामक बक्करवाल के बेटे से हुई। उन्होंने पहले उसका मोबाइल लिया और फिर उसे लेकर उसके घर पहुंच गए।
सेना के सूत्रों के अनुसार आतंकियों ने पहले सेना के ठिकाने व मुगल रोड के बारे में पूछा। फिर उन्होंने खाना बनाने को कहा। परिवार के सदस्यों को पहले लगा कि वे सेना के जवान हैं और शायद रास्ता भटक गए हैं, लेकिन धीरे-धीरे वह समझ गए कि तीनों आतंकी हैं। अनुमान है कि तीनों आतंकी मुगल रोड के रास्ते घाटी जाना चाहते थे।
बाद में धीरे-धीरे परिवार के पुरुष सदस्य वहां से खिसक गए। इनमें से एक ने सेना के पास पहुंच कर सारी सूचना दी। इससे पहले कि सेना वहां पहुंचती, तीनों आतंकी पानी पीकर निकल गए। जिस स्थान पर बक्करवाल का परिवार रहता है, वहां से एक किलोमीटर दूर सेना के कैंप हैं। बक्करवाल परिवार की समझदारी और साहस से आतंकी नापाक साजिश में सफल नहीं हो सके।