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जम्मू-कश्मीर: ढांगरी में गोली मारने से पहले आतंकियों ने की थी प्रिंस की जमकर पिटाई, मृतक की मां ने किया खुलासा

Tue, 10 Jan 2023 02:29 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

सूरज देवी ने बताया कि एक जनवरी की रात को उसने घर के बाहर गोली की आवाज सुनी थी। इसके बाद छोटे बेटे प्रिंस को कहा था कि शायद दीपक की गाड़ी का टायर फट गया है इसलिए उसकी मदद करो। जैसे ही वह बाहर गया तो आतंकियों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की और बाद में गोलियों से भून डाला।
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ढांगरी आतंकी हमले के बारे में बताती सूरज देवी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजोरी में ढांगरी हत्याकांड से पहले आतंकियों ने प्रिंस की लात-घूसों से पिटाई की थी। यह खुलासा प्रिंस और दीपक की मां सूरज देवी ने सोमवार को किया है। सूरज देवी ने बताया कि एक जनवरी की रात को उसने घर के बाहर गोली की आवाज सुनी थी।

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इसके बाद छोटे बेटे प्रिंस को कहा था कि शायद दीपक की गाड़ी का टायर फट गया है इसलिए उसकी मदद करो। जैसे ही वह बाहर गया तो आतंकियों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की और बाद में गोलियों से भून डाला।

उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आतंकियों का सफाया और उनके मददगारों को नहीं पकड़ा तो वह स्वयं मौत का बदला लेंगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन, पुलिस और स्वस्थ विभाग पर आरोप लगाया है कि छोटे बेटे की मौत लापरवाही के कारण हुई है।
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यदि समय पर उपचार दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने बताया कि तीन दिन जीएमसी राजोेरी में भर्ती के दौरान किसी ने उसकी सुध नहीं ली और न ही उचित उपचार दिया गया। तीन दिन बेटा जीएमसी में रहा तो वह स्वस्थ था।

लेकिन सही उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी हालत बिगड़ने से जान चली गई। जीएमसी प्रशासन ने पहले एंबुलेंस से बेटे को जम्मू रेफर किया और जब रास्ते में उसकी हालत बिगड़ी तो उसे वापस बुलाया गया। इस कारण काफी समय बर्बाद हुआ है। 

राजोरी से दो और घायल जीएमसी जम्मू में रेफर

राजोरी के ढांगरी इलाके में हुए आतंकी हमले में दो और घायलों को जीएमसी राजोरी से शिफ्ट करके जीएमसी जम्मू में भेजा गया है। दोनों को डिजास्टर वार्ड में उपचार दिया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर है। इन घायलों को अन्य शारीरिक समस्याएं होने के कारण जीएमसी जम्मू में बेहतर इलाज दिया जा रहा है।

जीएमसी जम्मू से गत दिवस एक चार सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जीएमसी राजोरी में पहुंचकर घायलों की हालत का मूल्यांकन किया था, जिसके बाद घायल शांति और कमलेश को जीएमसी जम्मू में भेजा गया है।

इससे पहले जीएमसी जम्मू में तीन अन्य घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत भी ठीक है। घायलों के परिवारवालों की मांग थी कि उनके सदस्यों को उचित इलाज के लिए जीएमसी जम्मू या अन्य प्रतिष्ठित अस्पतालों में भेजा जाए।

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गत दिवस उप राज्यपाल के निर्देश पर जीएमसी जम्मू से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को जीएमसी राजोरी में भेजा गया था।

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