देश की सबसे बड़ी गैस वितरक, गैस प्राधिकरण आफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की ओर से गुरदासपुर-जम्मू की 175 किमी. गैस पाइपलाइन का शीघ्र सर्वे करवाने की तैयारी की जा रही है। इस गैस पाइप लाइन के जम्मू तक पहुंचने से गैस की आपूर्ति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
वर्ष 2014 में गैस पाइपलाइन परियोजना की कुल लंबाई करीब 14 हजार किलोमीटर थी, जिसका बाद में विस्तार किया गया। यह लंबी गैस पाइपलाइन पर्यावरण अनुकूल ईंधन को जम्मू तक ले जाने के लिए है। पाइपलाइन की प्रारंभिक क्षमता प्रति दिन कम से कम दो मिलियन घन मीटर ले जाने की होगी।
मूल रूप से यह भठिंडा-जम्मू-श्रीनगर गैस पाइपलाइन परियोजना है। इसे पहले गुजरात राज्य पेट्रोनेट लिमिटेड (जीएसपीएल) के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को सौंपा गया था जो बाद में जीएसपीएल इंडिया गैसनेट लिमिटेड (जीआईजीएल) नामक कंपनी के रूप में पंजीकृत हुआ।
हालांकि जीआईजीएल निर्धारित समय के भीतर पाइपलाइन बिछाने में विफल रहा, जिसके बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने लाइसेंस रद्द कर गुरदासपुर-जम्मू लाइन के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं।
बोर्ड ने गैसपाइप लाइन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर तीस दिन के भीतर लोगों के सुझाव और राय मांगी है। इसमें आगामी 9 अगस्त को हितधारकों और संस्थाओं के साथ सदन में चर्चा की जाएगी।