डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद के डॉ. फारूक अब्दुल्ला को लेकर दिए गए बयान से राजनीति गरमा गई है। डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके ऐसे बयान सुन कर हैरानी होती है।
उमर ने आगे कहा कि गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि उमर को 370 के बारे में पता था। तो फिर भी हमें पीएसए के तहत आठ माह से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया और आप स्वतंत्र थे। आपको अपना मंत्री का बंगला रखने की अनुमति है? उस पद्म पुरस्कार को न भूलें जिसके लिए आप कांग्रेस छोड़ने और चिनाब घाटी में भाजपा की मदद करने के लिए सहमत हुए थे।'
मैने कभी यह दावा नहीं किया : आजाद
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 'मैंने कभी यह दावा नहीं किया कि वह (फारूक अब्दुल्ला) उनसे (पीएम मोदी) मिले थे। मैंने कहा कि दिल्ली में सूत्रों से पता चला है कि वह केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की कोशिश करते हैं, वह भी सिर्फ रात में। मैंने कभी नहीं कहा कि उनसे मुलाकात हुई या अपॉइंटमेंट मिला।'